USTR में 10 साल में 30 हजार से ज्यादा पेड़ों की कटाई, 35 हेक्टेयर टाइगर रिजर्व की जमीन पर कब्जा

Chhattisgarh Crimesमुआवजा लेने के बाद भी करका गांँव के लोगों पर दोबारा जंगल कब्जा करने का आरोप, USTR ने तेज की कार्यवाही
पूरन मेश्राम/नगरी।उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) के करका क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वनभूमि अतिक्रमण और जंगल विनाश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह क्षेत्र हाथियों का महत्वपूर्ण कॉरिडोर है। यहांँ जंगल कटने से भविष्य में मानव हाथी संघर्ष बढ़ने की आशंका है।

Chhattisgarh Crimes22 सितंबर को जांच में 1,100 से ज्यादा पेड़ों पर girdlingमिला
वन विभाग की टीम ने 22 सितंबर को मौके पर जांँच की तो 1,100 से अधिक पेड़ों में girdling (छाल निकालकर सुखाना) और बड़ी संख्या में ताजे कटे ठूंँठ मिले। विभाग का प्रारंभिक अनुमान है कि 2016 से 2026 के बीच लगभग 30,000 पेड़/पौधे काटे गए हैं।

ISRO की सैटेलाइट तस्वीर से खुलासा
ISRO की 2006 और 2012 की सैटेलाइट इमेज में यहां घना जंगल था। 2017 के बाद से जंगल धीरे-धीरे खुले में बदलता दिखा। अब GPS मैपिंग में अतिक्रमण लगभग 35 हेक्टेयर मापा गया है। ड्रोन और DGPS से फाइनल मैपिंग जारी है।

Chhattisgarh Crimesमुआवजा लेकर विस्थापित हुआ था करका गांव
करका पहले सोंढूर बांध के कैचमेंट में बसा वन ग्राम था। 1980 के दशक में बांँध बनने पर गांँव विस्थापित किया गया था और 55 लोगों को जल संसाधन विभाग ने मुआवजा दिया था। इसके बावजूद वनभूमि पर दोबारा कब्जा किया गया।

वन टीम को रोका, FIR की तैयारी
22 सितंबर को उप संचालक USTR के नेतृत्व में 20-25 कर्मचारियों की टीम जांँच पर गई थी। मौके पर मुकेश मरकाम पिता हेमलाल मरकाम से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह अतिक्रमित खेत में फसल की रखवाली कर रहा है। टीम आगे बढ़ी तो करका के 50-60 लोगों ने सरकारी काम में बाधा डाली और मुकेश को मौके से भगा ले गए। पूरी घटना का वीडियो बना लिया गया है। वीडियो पेन ड्राइव के साथ थाना खल्लारी में FIR के लिए आवेदन दिया जा रहा है।

Chhattisgarh Crimesउप संचालक के हस्तक्षेप के बाद POR क्रमांक 20/17 दिनांक 23 सितंबर 2026 को मुकेश मरकाम,केशनाथ उर्फ गोलू और अन्य के खिलाफ दर्ज किया गया है।

Chhattisgarh Crimes65% स्टाफ की कमी के बाद भी 1,050 हेक्टेयर मुक्त कराया
USTR प्रशासन ने बताया कि रिजर्व में 65% फील्ड स्टाफ के पद खाली हैं। पिछले 4 साल में टीमों पर 5 जानलेवा हमले भी हुए हैं। इसके बावजूद पिछले 4 सालों में 1,050 हेक्टेयर अतिक्रमित वनभूमि मुक्त कराई जा चुकी है। उप निदेशक USTR ने कहा मानव संसाधन की कमी को वनभूमि पर अवैध कब्जे और जंगल कटाई रोकने में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।