छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में चर्चों और प्रार्थना सभा स्थलों के बाहर लगे बोर्ड चर्चा में हैं। बोर्ड पर लिखा है- ‘चर्च भवन में प्रार्थना के लिए प्रवेश केवल ईसाइयों के लिए है। अन्य यदि अपनी स्वेच्छा से आते हैं तो इसके लिए खुद जिम्मेदार होंगे।’ जिला क्रिश्चियन फोरम के मुताबिक, जिले के करीब 30 से 35 चर्च और प्रार्थना सभा स्थलों पर ऐसे बोर्ड लगाए गए हैं।
इनमें धमतरी का करीब 116 साल पुराना मेनोनाइट सुंदरगंज चर्च भी शामिल है। दैनिक भास्कर की टीम ने इस मामले पर जिला क्रिश्चियन फोरम के जनरल सेक्रेटरी डायमंड फिलस से बातचीत की। उनका कहना है कि प्रार्थना सभा के दौरान विवाद और शोर-शराबे की स्थिति से बचने के लिए ये बोर्ड लगाए गए हैं।
इसके अलावा फोरन ने धमतरी जिले में धर्म परिवर्तन के 250 से 300 आवेदन पेंडिंग होने का दावा किया है। वहीं इस मामले पर प्रभारी कलेक्टर जयंत नाहटा ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में धर्म परिवर्तन से जुड़े आवेदन प्रशासन के पास आने की जानकारी उन्हें नहीं है। अगर इस तरह के दस्तावेज या आवेदन मिले हैं तो उनकी जांच कराई जाएगी।
फोरम बोला- सुरक्षा के लिए लगाए बोर्ड
धमतरी क्रिश्चियन फोरम के जनरल सेक्रेटरी डायमंड फिलस ने कहा कि पिछले कुछ समय से कुछ संगठन चर्चों में गैर-ईसाइयों के एंट्री को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनके मुताबिक कई बार प्रार्थना सभा के दौरान शोर-शराबे और विरोध की स्थिति बनती है। इससे समाज की धार्मिक भावनाएं प्रभावित होती हैं।
डायमंड फिलस ने कहा कि बोर्ड सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि गैर-ईसाइयों के लिए पूरी तरह रोक नहीं है। अगर कोई व्यक्ति श्रद्धा के साथ प्रार्थना सभा में शामिल होना चाहता है तो वह आ सकता है, लेकिन ऐसी स्थिति में उसकी जिम्मेदारी खुद की होगी।
1500 आवेदनों पर फोरम ने दी सफाई
कलेक्ट्रेट में करीब 1500 आवेदन जमा होने के दावे पर डायमंड फिलस ने कहा कि ये धर्म परिवर्तन की अनुमति मांगने वाले आवेदन नहीं हैं। उनके मुताबिक, लोगों ने चर्च में आने-जाने के लिए स्वेच्छा घोषणा पत्र जमा किए हैं।
फोरम का कहना है कि इन घोषणाओं में लोगों ने अपनी इच्छा से, बिना किसी दबाव या लालच के मसीह आराधना में शामिल होने की बात कही है। डायमंड फिलस ने कहा कि ये दस्तावेज कलेक्टर से अनुमति लेने के लिए जमा नहीं किए गए हैं।
धर्म परिवर्तन के 250 से 300 आवेदन पेंडिंग
फोरम ने प्रशासन के पास धर्म परिवर्तन से जुड़े करीब 250 से 300 आवेदन पेंडिंग होने का दावा किया है। डायमंड फिलस के मुताबिक, ये आवेदन उन लोगों के हैं, जो ईसाई धर्म अपनाने की इच्छा जताकर प्रक्रिया के तहत दस्तावेज जमा कर चुके हैं।