रायपुर रेलवे स्टेशन की सालाना मरम्मत और रखरखाव पर करीब एक करोड़ रुपए खर्च होते हैं। इस बार इसी तरह के काम के लिए रेलवे ने चार करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया है। यानी सामान्य वर्षों के मुकाबले चार गुना राशि। यह काम ऐसे समय हो रहा है, जब रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के आरपीएफ राइजिंग डे कार्यक्रम में रायपुर आने की तैयारी है। दूसरी ओर स्टेशन का पुनर्विकास गति शक्ति योजना के तहत पहले से चल रहा है।
टेंडर के बाद एजेंसी ने स्टेशन पर काम शुरू कर दिया है। प्लेटफॉर्म और स्टेशन भवन के टूटे-खराब हिस्सों में गेटर शीट, कोटा स्टोन, ग्रेनाइट और चाकर टाइल्स की मरम्मत की जा रही है। पाइपलाइन सुधारने के साथ जरूरत वाले हिस्सों में पेंटिंग भी चल रही है। सूत्रों के मुताबिक सामान्य वर्षों में मौजूदा स्टेशन की मरम्मत और रखरखाव पर करीब एक करोड़ रुपए खर्च होते हैं। इस बार इसी मद में चार करोड़ रुपए का टेंडर किया गया है।
दौरे से पहले काम तेज, टीम दिन-रात जुटी आरपीएफ राइजिंग डे कार्यक्रम से पहले स्टेशन पर मरम्मत और साज-सज्जा का काम तेज हो गया है। ठेका एजेंसी अलग-अलग हिस्सों में काम कर रही है। रेलवे का प्रयास कार्यक्रम से पहले जरूरी हिस्सों को दुरुस्त करने का है। अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन पर हर साल मरम्मत और रखरखाव कराया जाता है। इस बार भी जरूरत और तय स्कोप के अनुसार काम हो रहा है। इसे रेल मंत्री के दौरे से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।