युमेन्द्र कश्यप/मैनपुर। गरियाबंद जिले में बीते तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। जिले में इस दौरान 320 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में खेतों में पानी भरने से फसलें भी डूब गई हैं।
देवभोग क्षेत्र में बेलाट नाला एक बार फिर उफान पर है। वहीं तेल नदी का जलस्तर भी अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। नदी-नालों का पानी आसपास के खेतों में भरने से किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। सेनमुड़ा घाट के एप्रोच मार्ग पर करीब चार फीट ऊपर तक पानी बहने से आवागमन भी प्रभावित हुआ है। लगातार बिगड़ते हालात ने वर्ष 2016 में आई भीषण बाढ़ की यादें ताजा कर दी हैं।
36 गांवों के हजारों ग्रामीणों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क टूटा
देवभोग क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित मांगों में शामिल बेलाट नाला पर उच्चस्तरीय पुल का निर्माण अब तक नहीं होने के कारण हर बारिश में ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के बाद बेलाट नाला में तेज बहाव होने से रपटा पूरी तरह प्रभावित हो जाता है और 36 गांवों के हजारों ग्रामीणों का ब्लॉक मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट जाता है।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, बेलाट नाला हर बरसात में आवागमन के लिए बड़ी समस्या बन जाता है। नाले में तेज बहाव के कारण लोगों का आना-जाना बंद हो जाता है, जिससे रोजमर्रा की जरूरतों के लिए ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से यहां उच्चस्तरीय पुल निर्माण की मांग की जा रही है। मांग को लेकर कई बार चक्काजाम और आंदोलन भी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
एक साल बाद भी पुल निर्माण का इंतजार
पूर्व में गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने भी बेलाट नाला पहुंचकर मौके का जायजा लिया था। उस दौरान उन्होंने बारिश के बाद बेलाट नाला में पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ किए जाने का आश्वासन दिया था। लेकिन करीब एक वर्ष बीत जाने के बाद भी पुल निर्माण की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में निराशा है।
वर्तमान में बेलाट नाला के उफान पर आने से एक बार फिर 36 गांवों के हजारों ग्रामीणों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति निर्मित होती है। ऐसे में बेलाट नाला पर उच्चस्तरीय पुल का निर्माण कब होगा, यह अब भी बड़ा सवाल बना हुआ है।