युमेन्द्र कश्यप/मैनपुर।
प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर समाज में जागरूकता, साहित्य, कला, शिक्षा का उन्नयन, नारी शक्ति का संरक्षण संवर्धन एवं आत्मनिर्भरता के साथ सामाजिक समरसता के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान के लिए गरियाबंद जिला के राजिम निवासी ललित मिश्रा को डी. लिट् (डाक्टरेट) की उपाधि से विभूषित किया गया।
डाक्टरेट की यह सर्वाेच्च उपाधि डॉ. एस. राधाकृष्णन रिसर्च एंड डेव्हलपमेंट सेंटर बेंगलोर के प्रस्ताव पर ग्लोबल इन एनवायरमेंट युनिवर्सिटी आए अमेरिका द्वारा प्रदान किया गया। श्री मिश्रा महान स्वतंत्रता सेनानी, छत्तीसगढ़ी के आदि कवि, छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम कल्पनाकार पंडित सुंदरलाल शर्मा के परिवार से हैं।
विदित हो कि छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर सबसे पहले 1992 में ललित मिश्रा ने बनाया था। राज्य निर्माण आंदोलन के दौरान यह तस्वीर व्यापक रूप से प्रचलित हुई । आंदोलन में एकजुटता और पहचान के प्रतीक के रूप में अपनाया गया । विश्व विद्यालय छात्र संघर्ष समिति के पूर्व अध्यक्ष ललित मिश्रा सफल साहित्यकार कवि, चित्रकार रंगकर्मी के साथ किसान महासंघ, बेटी बचाओ मंच के प्रदेश अध्यक्ष व राजिम मे पंडित सुंदरलाल शर्मा वाचनालय एवं स्मारक समिति के अध्यक्ष है।