जगदलपुर नगर निगम के कर्मचारियों को तीन साल से अटके भुगतान के लिए अब इंतजार नहीं करना पड़े

Chhattisgarh Crimesजगदलपुर नगर निगम के कर्मचारियों को तीन साल से अटके भुगतान के लिए अब इंतजार नहीं करना पड़ेगा। निगम को शासन से 21.50 करोड़ रुपए का अनुदान मिला है।

इसमें कर्मचारियों के जीपीएफ, सीपीएफ, परिवार कल्याण निधि और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि के भुगतान के लिए 7.50 करोड़ रुपए रखे गए हैं।

वहीं, अगले 6 महीने के वेतन के लिए 7 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। महापौर संजय पांडेय ने इन भुगतानों का मामला शासन स्तर पर उठाया था।

अनुदान मिलने के बाद निगम के कर्मचारियों ने टाउन हॉल में कार्यक्रम आयोजित कर महापौर का अभिनंदन किया।

पैसों का इंतजार कर रहे थे कर्मचारी

नगर निगम के कई कर्मचारी लंबे समय से अपनी जमा राशि और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले पैसों का इंतजार कर रहे थे। जीपीएफ, सीपीएफ और परिवार कल्याण निधि के भुगतान करीब तीन साल से अटके थे।

वहीं, रिटायर हो चुके कर्मचारियों को उपादान और छुट्टियों के बदले मिलने वाली राशि भी नहीं मिली थी। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानी हो रही थी।

किस मद में कितनी राशि मिली?

निगम को मिले 21.50 करोड़ रुपए में अलग-अलग मदों के लिए राशि तय की गई है।

5 करोड़ रुपए : जीपीएफ, सीपीएफ और परिवार कल्याण निधि के लंबित भुगतान। 2.25 करोड़ रुपए : रिटायर कर्मचारियों के उपादान के लिए। 25 लाख रुपए : समर्पित अवकाश नकदीकरण के लिए। 7 करोड़ रुपए : अगले 6 महीने के वेतन के लिए। 7 करोड़ रुपए : अन्य जरूरी खर्चों के लिए।

इस तरह कर्मचारियों के लंबित भुगतान के लिए कुल 7.50 करोड़ रुपए रखे गए हैं। वहीं, वेतन और दूसरे जरूरी खर्चों के लिए 14 करोड़ रुपए का प्रावधान है।

टाउन हॉल में कर्मचारियों ने किया अभिनंदन

अनुदान मिलने के बाद नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी टाउन हॉल में कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें महापौर संजय पांडेय का अभिनंदन किया गया।

कर्मचारियों ने कहा कि वे शहर की सफाई, पानी, स्ट्रीट लाइट और दूसरी जरूरी सेवाओं की जिम्मेदारी संभालते हैं, लेकिन लंबे समय से उनके खुद के भुगतान अटके हुए थे। अब अनुदान मिलने से लंबित राशि मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

महापौर बोले- कर्मचारियों का पैसा दिलाना प्राथमिकता

महापौर संजय पांडेय ने कहा कि निगम के कर्मचारी शहर की व्यवस्थाएं संभालने में अहम भूमिका निभाते हैं। उनके जीपीएफ, सीपीएफ और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि लंबे समय से अटकी थी। इस समस्या को शासन के सामने रखा गया था।

आयुक्त बोले- 10 तारीख तक वेतन देने का लक्ष्य

निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा ने कहा कि अब हर महीने की 10 तारीख तक कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी महीने लंबित भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

। निगम को शासन से 21.50 करोड़ रुपए का अनुदान मिला है।

इसमें कर्मचारियों के जीपीएफ, सीपीएफ, परिवार कल्याण निधि और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि के भुगतान के लिए 7.50 करोड़ रुपए रखे गए हैं।

वहीं, अगले 6 महीने के वेतन के लिए 7 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। महापौर संजय पांडेय ने इन भुगतानों का मामला शासन स्तर पर उठाया था।

अनुदान मिलने के बाद निगम के कर्मचारियों ने टाउन हॉल में कार्यक्रम आयोजित कर महापौर का अभिनंदन किया।

पैसों का इंतजार कर रहे थे कर्मचारी

नगर निगम के कई कर्मचारी लंबे समय से अपनी जमा राशि और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले पैसों का इंतजार कर रहे थे। जीपीएफ, सीपीएफ और परिवार कल्याण निधि के भुगतान करीब तीन साल से अटके थे।

वहीं, रिटायर हो चुके कर्मचारियों को उपादान और छुट्टियों के बदले मिलने वाली राशि भी नहीं मिली थी। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानी हो रही थी।

किस मद में कितनी राशि मिली?

निगम को मिले 21.50 करोड़ रुपए में अलग-अलग मदों के लिए राशि तय की गई है।

5 करोड़ रुपए : जीपीएफ, सीपीएफ और परिवार कल्याण निधि के लंबित भुगतान। 2.25 करोड़ रुपए : रिटायर कर्मचारियों के उपादान के लिए। 25 लाख रुपए : समर्पित अवकाश नकदीकरण के लिए। 7 करोड़ रुपए : अगले 6 महीने के वेतन के लिए। 7 करोड़ रुपए : अन्य जरूरी खर्चों के लिए।

इस तरह कर्मचारियों के लंबित भुगतान के लिए कुल 7.50 करोड़ रुपए रखे गए हैं। वहीं, वेतन और दूसरे जरूरी खर्चों के लिए 14 करोड़ रुपए का प्रावधान है।

टाउन हॉल में कर्मचारियों ने किया अभिनंदन

अनुदान मिलने के बाद नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी टाउन हॉल में कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें महापौर संजय पांडेय का अभिनंदन किया गया।

कर्मचारियों ने कहा कि वे शहर की सफाई, पानी, स्ट्रीट लाइट और दूसरी जरूरी सेवाओं की जिम्मेदारी संभालते हैं, लेकिन लंबे समय से उनके खुद के भुगतान अटके हुए थे। अब अनुदान मिलने से लंबित राशि मिलने की उम्मीद बढ़ी है।

महापौर बोले- कर्मचारियों का पैसा दिलाना प्राथमिकता

महापौर संजय पांडेय ने कहा कि निगम के कर्मचारी शहर की व्यवस्थाएं संभालने में अहम भूमिका निभाते हैं। उनके जीपीएफ, सीपीएफ और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि लंबे समय से अटकी थी। इस समस्या को शासन के सामने रखा गया था।

आयुक्त बोले- 10 तारीख तक वेतन देने का लक्ष्य

निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा ने कहा कि अब हर महीने की 10 तारीख तक कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी महीने लंबित भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।