एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने निकाली मशाल रैली, कहा- UP में नरसंहार; आज प्रदेश में सभी कलेक्ट्रेट घेरने की तैयारी

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों को जीप से कुचल कर मारने की घटना और प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी के खिलाफ छत्तीसगढ़ कांग्रेस भड़की हुई है। कांग्रेस ने राजनीतिक रूप से विरोध प्रदर्शन भी तेज कर दिया है। कांग्रेस के विद्यार्थी संगठन एनएसयूआई ने सोमवार शाम को मशाल रैली निकालकर घटना का विरोध किया। कांग्रेस मंगलवार दोपहर में छत्तीसगढ़ सभी जिलों के कलेक्ट्रेट घेरने की तैयारी कर रही है।

एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय की अगुवाई में संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ता आम्बेडकर चौक पर इकट्‌ठा हुए। वहां से मशाल रैली निकालकर प्रदर्शनकारी भगत सिंह चौक तक पहुंचे। इससे पहले प्रदर्शनकारियों की नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए नीरज पांडेय ने कहा कि लखीमपुर खीरी में भाजपा और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने नरसंहार किया है। प्रियंका गांधी ने जब पीड़ित किसानों और उनके परिजनों से मुलाकात की कोशिश की तो उन्हें अवैध ढंग से गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी लखनऊ जाने से रोक दिया गया। पांडेय ने कहा, एनएसयूआई ऐसे कृत्यों का विरोध करती है। केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार अगर आगे भी यही रवैया बनाए रखती है तो छत्तीसगढ़ के एनएसयूआई कार्यकर्ता उत्तर प्रदेश की ओर कूच करेंगे।

आज प्रियंका की गिरफ्तारी का विरोध करेगी कांग्रेस

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खिरी में मारे गए किसानों के परिजनों से मिलने जा रही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी पर कांग्रेस भड़की हुई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में मंगलवार को कलेक्ट्रेट का घेराव होगा। कांग्रेस नेता राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप कर उत्तर प्रदेश सरकार के बर्खास्तगी की मांग की करेंगे।

सभी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को शामिल होने का निर्देश

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बताया, कलेक्ट्रेट घेराव में पार्टी के सभी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को शामिल होने का निर्देश हुआ है। उन्होंने बताया, जिलों में स्थानीय प्रदेश पदाधिकारियों, सांसद, पूर्व सांसद प्रत्याशी, विधायक, पूर्व प्रत्याशी, पूर्व विधायक, जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, मोर्चा संगठन, प्रकोष्ठ विभाग के जिला, ब्लॉक पदाधिकारियों, सोशल मीडिया के प्रशिक्षित सदस्यों, नगरीय-निकाय, त्रि-स्तरीय पंचायत के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, सहकारिता क्षेत्र के पदाधिकारियों, सीनियर कांग्रेस नेताओं को शामिल होना है।