अपने ही गढ़ में पिस रहे आदिवासी, शासन नही ले रहा इनकी सुध

Chhattisgarh Crimes

पूरन मेश्राम/ छत्तीसगढ़ क्राइम्स

मैनपुर। विकासखंड मुख्यालय राजा पड़ाव क्षेत्र के 8 ग्राम पंचायत अड़गड़ी,शोभा, कोकड़ी, गरहाडीह,गौरगांव,गोना,भूतबेड़ा, कोचेंगा के 65 गांव पारा टोला के रहवासियों को आजादी के 75 वें साल गुजर जाने के बाद भी मूलभूत बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रहा है। अंतिम गांव तक मूलभूत सुविधाएं दिलाने के लिए दम भरने वाली सरकारें आई और गई लेकिन आज भी ग्रामीण क्षेत्रों के गांव की हालत जस के तस ही है। कुछ दिन पूर्व क्षेत्र के मुखियाओ ने मोंगराडीह गांव में विशाल बैठक करके वर्तमान सत्तासीन भूपेश बघेल सरकार से क्षेत्र मे बुनियादी सुविधाएँ दिलाने के लिए क्रमबद्धता ज्ञापन भेंट मुलाकात किए जाने की बात कही गई थी। कांग्रेस पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों से बातचीत सभा का दौर भी चल रहा था लेकिन कोरोनावायरस के गाइडलाइन का परिपालन करते हुए क्षेत्रवासियों ने फिलहाल उस दौर को स्थगित किया हुआ है। समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। इंतजार के घड़ी अभी बाकी जैसा ही है। बरसों के बाद भी सरकारों से उम्मीदें विश्वास आज भी टिका हुआ है।

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समस्याओं से जद्दोजहद करते ग्रामीण

आदिवासी नेता दलसू राम मरकाम ने बताया कि राजापडा़व क्षेत्र के शोभा,गोना,गौरगाँव गरीबा वाला 8 ग्राम पंचायत के लोग आज भी सड़क,पानी, बिजली, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा स्वास्थ्य से कोसों दूर हैं।जिम्मेदार विधायक, सांसद,मंत्री को सिर्फ चुनाव के समय ही राजापड़ाव क्षेत्र की याद आती है। आज भी 5 ग्राम पंचायत के 38 पारा टोला मे विद्युतीकरण नहीं हो पाई है। क्षेत्र के उप स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की कमी है।8 ग्राम पंचायत क्षेत्र के माध्यमिक एवं प्राथमिक शालाओ में शिक्षक के अभाव है। पक्की सड़क से गांव को जोड़ने वाली गांव मे भी कच्ची सड़क है। पुल पुलिया के अभाव मे बरसात के दिनों में भयंकर परेशानियों से गुजरते हुए ग्रामीणों को आवाजाही करना पड़ता है।गरीबा और गोना डामरीकृत सड़कों की हालत जर्जर है। 8 ग्राम पंचायत वाली क्षेत्र में एक भी हायर सेकेंडरी स्कूल नहीं है। भूतबेड़ा क्षेत्र में हाईस्कूल का अभाव है।

30 किलोमीटर का सफर तय करते हुए बच्चों को शोभा स्कूल आना पड़ता है। क्षेत्र में एक भी बालक आश्रम नहीं होने से गरीब बच्चों को बीच मे ही पढ़ाई छोड़ देना पड़ता है। क्षेत्र के केंद्र बिंदु शोभा में विगत कई वर्षों से आंगनबाड़ी सुपरवाइजर के लिए भवन निर्माण किया गया है। लेकिन अभी तक बंद पड़ा हुआ है। शोभा से करेली जाने वाली पक्की डाबरी कृत सड़क पर बीचोबीच गड्ढा हो गया है। आवाजाही में ग्रामीणों को भयंकर परेशानी होती है। लेकिन अभी तक उसका निराकरण नहीं किया जाना क्षेत्र के लिए दुर्भाग्य की बात है। इसके अलावा और कई मुद्दे हैं।जिन पर सकारात्मक समाधान अभी तक नहीं मिल पाई है। मूलभूत बुनियादी सुविधाओं के अभाव में क्षेत्र के लोगों का जीवन अंधकारमय हो गया है। सामुदायिक वन संसाधन पर भी कार्य नहीं हो पाया है।

क्षेत्र के मुखियाओ का वर्तमान भूपेश बघेल सरकार से उम्मीद जागी है। गरियाबंद जिला में बढ़ते कोरोना रोकथाम के लिए कलेक्टर गरियाबंद के द्वारा गाइडलाइन निकाले जाने के पूर्व मोंगराडीह में बैठक आयोजित किया गया था। जिसमें मुख्य रुप से दलसू राम मरकाम, जनपद सभापति घनश्याम मरकाम, जनपद सदस्य प्रतिनिधि राम मरकाम, सरपंच ग्राम पंचायत भूतबेड़ा अजय कुमार नेताम,सरपंच ग्राम पंचायत अड़गडी कृष्ण कुमार नेताम,सरपंच ग्राम पंचायत गोना सुनील कुमार मरकाम, सरपंच प्रतिनिधि कोचेंगा दीनाचंद मरकाम, सरपंच प्रतिनिधि गरहाडीह गणेश राम नेताम सरपंच प्रतिनिधि शोभा तिलक राम मरकाम,भुनेश्वर नेगी, दैनिक राम मंडावी, बुद्धू राम मरकाम, सुखनाथ नेताम, हेमलाल मरकाम, दशरथ नेताम सहित क्षेत्र के सैकड़ों लोग शामिल थे।