
पूरन मेश्राम/ छत्तीसगढ़ क्राइम्स
मैनपुर। किसानों व पशुपालकों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने राज्य सरकार महत्वाकांक्षी गोठान योजना संचालित कर रहीं है। मुख्यमंत्री के सपनों के अनुरूप गोठानों को मल्टी एक्टिविटी सेंटरों के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा, ताकि गोठान में रोजगार मूलक गतिविधियो का संचालन हो सके है और गौठानो के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सकें, पर अगर इस महत्वपूर्ण योजना पर सरकारी कर्मचारी ही पलीता लगाने मे आमादा है तो फिर किस प्रकार से वनांचल में रहने वालो को रोजगार मिलेगा यह एक बडा सवाल है ?

भूपेश बघेल सरकार के अभिनव महत्वपूर्ण योजनाओं में नरवा, गरवा,घुरवा,बारी योजनाओं को भी मूर्त रूप देने में जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा दिलचस्पी नहीं दिखाया जा रहा है। जिसके कारण से ढाई साल बाद भी सुदूर वनांचल ग्राम पंचायत का गौठान निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। मतलब साफ है किसान के दुलरवा किसान हितैषी छत्तीसगढ़ शासन भूपेश बघेल सरकार की योजनाओं पर पानी फेरने में लगें है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था संकट में है ऐसे समय में छत्तीसगढ़ ने पूरे देश को राह दिखाने की कोशिश की है। उसके बावजूद भी छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी नरवा, गरवा,घुरवा, बारी योजनाओं पर भी अमल सही ढंग से नहीं हो पा रहा है वही दूसरी योजनाओं का कैसे सफल क्रियान्वयन ग्रामीण क्षेत्रों में होता होगा समझा जा सकता है।
हम बताने जा रहे हैं विकासखंड मुख्यालय मैनपुर से 20 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ ग्राम पंचायत गोना जहां पर 2020 में गौठान निर्माण के लिए कार्य एजेंसी वन विभाग के द्वारा शुरूआती दौर मे गौठान के चारों ओर सीपीटी गड्ढा खुदाई का कार्य लगभग डेढ़ सौ मजदूरों के द्वारा 3 दिन करवाते हुए अचानक गौठान निर्माण को यह कहते हुए बंद कर दिया गया कि ऊपर से आदेश नही आया है।
अब सवाल उठता है कि बिना आदेश के वन विभाग के मैदानी अमले के कर्मचारियों को कार्य करने के लिए किसने बोला क्यों बोला और मजदूर काम किए हैं उसका भुगतान अभी तक रोक के क्यों रखा गया है। वास्तविकता में जांच होनी चाहिए।
वन विभाग के द्वारा किए गए गलती को नहीं दोहराते हुए सरकार की योजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए ग्राम पंचायत गोना ने अपने मद से गोबर खरीदी वर्मी कंपोस्ट खाद गड्ढा समूह के द्वारा खाद निर्माण सहित अन्य कार्यों को सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। लेकिन गौठान निर्माण के लिए फूटी कौड़ी भी ग्राम पंचायत को नहीं मिल पाई है। अगर वन विभाग गोठान निर्माण कराने में दिलचस्पी नहीं ले रही है तो ग्राम पंचायत को कार्य एजेंसी सौंपते हुए सरकार के महत्वपूर्ण योजनाओं पर दखल ना डालने की मांग ग्राम पंचायत गोना के सरपंच सुनील मरकाम ने किया है।
ग्राम गोना की अधूरा पड़े गौठान निर्माण कैसे पूरा होगा कोई ठोस निष्कर्ष पर जिम्मेदार अधिकारियों का आज तक नहीं पहुंच पाना समझ से परे लगता है।
इस संबंध में वन परिक्षेत्राधिकारी परिक्षेत्र तौरेंगा मिलन राम वर्मा का कहना हैं कि जहां पर गोठान निर्माण किया जा रहा था वहां पर गाैठान निर्माण नहीं किया जाना है। उस पर रोक लगाई गई है। राजस्व जमीन पर गौठान निर्माण के लिए तैयारी किया जाना चाहिए।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मैनपुर आर.के ध्रुव का कहना है कि गौठान निर्माण गोना का कार्य एजेंसी वन विभाग ही है। जहां भी बनता है बनाएं क्योंकि फॉरेस्ट वालों को ही आबंटन मिला है।शासन की अभिनय योजना नरवा,गरवा, घुरवा,बारी के तहत सभी ग्राम पंचायतों में गौठान निर्माण किया जाना है।अभी तक 74 ग्राम पंचायतों में से 51राजस्व के अंतर्गत है।11 फॉरेस्ट के अंतर्गत उसमें से मात्र 2ही पूर्ण किए हैं।बाकी अधूरा है। होना तो फॉरेस्ट से ही है कोई भी हालत में सरकार के अभिनव योजनाओं को पूर्ण किया जाना जरूरी है।
ग्राम पंचायत गोना सरपंच सुनील कुमार मरकाम का कहना है कि अधिकारियों के द्वारा गोबर खरीदी,खाद गड्ढा का निर्माण बिक्री के लिए दबाव बनाया जाता है। जैसे बिना घर के लोगों को रहने के लिए कहा जाए लेकिन ढाई साल से गौठान निर्माण अधूरा है। पूर्ण कराने की दिशा में ठोस निराकरण नहीं किया जाना लगता है भूपेश बघेल सरकार के अभिनव योजनाओं पर पानी भरने का काम किया जा रहा हो।