विधानसभा घेरने निकले बिजली कर्मचारियों ने किया हंगामा

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। राजधानी रायपुर में सोमवार को सैंकड़ों की तादाद में विद्युत विभाग के संविदा कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। विधानसभा का घेराव करने जा रहे प्रदर्शनकारियों को सप्रे स्कूल के पास रोका गया। दिन ढल चुका था। अंधेरे में मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले युवक आगे बढ़ रहे थे।

करीब 3 घंटे तक इन प्रदर्शनकारियों की वजह से सप्रे स्कूल से धरना स्थल की ओर जाने वाली सड़क को बंद करना पड़ा। इससे गोल बाजार, मालवीय रोड, कालीबाड़ी के हिस्सों में भारी ट्रैफिक जाम लग रहा था। दूसरी तरफ सड़क पर उतरे विद्युत संविदा कर्मचारी रोड में ही बैठ गए। ये देखकर पुलिस विभाग के अफसर भड़के। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के नाम पर यूं सड़क जाम करना ठीक नहीं। इस बात को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस अफसरों के बीच तीखी बहस हुई। शाम करीब 7 बजे के आस-पास अपना ज्ञापन जिला प्रशासन के अफसरों को सौंपकर संविदा कर्मचारी वापस धरना स्थल पर लौटे।

ये है कर्मचारियों की मांग

छ ग राज्य संविदा विद्युत कर्मचारी संघ के बैनर तले सभी जिलों से करीब 2 हजार कर्मचारी घेराव में शामिल होने रायपुर पहुंचे थे। ये चाहते हैं कि रिक्त पदों पर कम्पनी में कार्यरत विद्युत संविदा कर्मियों को नियमित नियुक्ति दिया जाए। और विद्युत दुर्घटनाओं में मारे गए संविदा कर्मियों के परिवार को अनुकम्पा नियुक्ति दी जाए।

2 साल में मिलती है रेगुलर नौकरी

कर्मचारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कम्पनी में लाइन परिचारक संविदा कर्मियों को दो साल के संविदा/परिवीक्षा अवधि पूरी करने के बाद नियमित करने की परम्परा रही है। मगर बीते 3 सालों से इसपर रोक है। काम के दौरान होने वाले हादसे में 25 से अधिक संविदा कर्मियों की मौत हो गई है। मगर इनकी मांग कोई पूरी नहीं कर रहा है। अब मंगलवार को विद्युत कम्पनी में कार्य के दौरान दुर्घटनाओं में मारे गए कर्मचारियों को श्रद्धांजलि देने संविदा संघ कैंडल मार्च निकालेगा।