हेलीकॉप्टर क्रैश घटना नहीं अप्रत्यक्ष हत्या का मामला, अगुस्ता हेलीकॉप्टर खरीदी की जांच की मांग

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के 10 दिन बाद अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले पनामा पेपर्स का जिन्न बाहर आ गया है। एक सरकारी शोध पीठ के अध्यक्ष ने इस दुर्घटना में दो पायलटों की मौत को अप्रत्यक्ष हत्या बताया है। इस मामले में हेलिकॉप्टर खरीदी की प्रक्रिया की जांच की मांग की है।

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जन संचार विश्वविद्यालय में कबीर शोध पीठ के अध्यक्ष कुणाल शुक्ला और एक RTI एक्टिविस्ट अभिषेक प्रताप सिंह का दावा है कि छत्तीसगढ़ शासन के होनहार पायलट कैप्टन गोपाल कृष्ण पांडा और DGCA के ट्रेनर पायलट कैप्टन ए.पी. श्रीवास्तव पहले से इस्तेमाल किए हुए पुराने और खटारा अगस्ता हेलिकॉप्टर खरीदी की भेंट चढ़ गए। यह एक प्रकार से अप्रत्यक्ष हत्या का मामला है। जिसमें दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई अन्य ऐसा अपराध करने की हिम्मत नहीं कर सके।

कुणाल और अभिषेक का कहना है कि यह आशंका जताई जाती रही है, अगस्ता हेलिकॉप्टर की सरकारी खरीदी में घोटाला हुआ है। यह पैसा पनामा की किसी कंपनी के खाते में जमा किया गया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में कुणाल शुक्ला ने बताया, हम लोग आठ बिंदुओं पर इसकी जांच की मांग कर रहे हैं। एक-दो दिनों में राज्य सरकार के प्राधिकारियों से मिलकर औपचारिक मांगपत्र भी सौंपा जाएगा।

इन बिंदुओं पर जांच की मांग उठी है

  • हेलिकॉप्टर खरीदी के लिए हुई की निविदा प्रक्रिया की जांच।
  • निविदाकारों के आपसी संबंध और व्यावसायिक लेनदेन की जांच।
  • अन्य राज्य सरकारों को अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर में समतुल्य तकनीक के बाद प्राप्त क्रय दर की जांच।
  • अन्य कंपनी के हेलिकॉप्टर निर्माताओं को निविदा में भाग लेने से रोकने हेतु निविदा में अधिरोपित शर्त तथा बिंदुओं की जांच।
  • खरीदी प्रक्रिया में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह एवं उनके कार्यालय की भूमिका की जांच।
  • जिस कंपनी, व्यक्ति अथवा एजेंट से हेलिकॉप्टर खरीदा गया था उसकी पृष्ठभूमि तथा एविएशन सेक्टर में उसका अनुभव क्या था, इसकी जांच।
  • छत्तीसगढ़ सरकार को अगस्ता वेस्टलैंड का स्पेसिफिक मॉडल ही खरीदना है। यह तय करने के लिए क्या कोई समिति बनी थी? अगर समिति बनी थी तो उसके सदस्य कौन कौन थे? और समिति का निर्णय क्या था, इस तथ्य की जांच।
  • तकनीकी विशेषज्ञ से जांच करवाई जाए कि क्या छत्तीसगढ़ की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर ही सबसे उपयुक्त था। अगर नहीं तो फिर दूसरे हेलिकॉप्टर निर्माता कंपनियों के मॉडल पर क्यों विचार नहीं किया गया।

12 मई की रात क्रैश हुआ था सरकारी हेलिकॉप्टर

राज्य सरकार की सरकारी हेलिकॉप्टर 12 मई की रात 9.10 बजे रायपुर एयरपोर्ट पर क्रैश हो गया था। पुलिस अधिकारियों ने बताया था, हेलिकॉप्टर के दो पायलट कैप्टन गोपाल कृष्ण पांडा और कैप्टन ए.पी. श्रीवास्तव नाइट फ्लाइंग की प्रैक्टिस कर रहे थे। इसी वक्त अचानक ये हादसा हुआ। हेलिकॉप्टर सीधा जमीन पर गिरकर क्रैश हो गया। इस हादसे में दोनों पायलटों की मौत हो गई। जिस हेलीकॉप्टर से हादसा हुआ उसे 2007 में खरीदा गया था।