
आज भौम प्रदोष व्रत है। प्रत्येक महीने में कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत पड़ता है। मंगलवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष को भौम प्रदोष के नाम से जाना जाता है। शास्त्रों में इस दिन को कर्ज उतारने के लिए बड़ा ही श्रेष्ठ माना जाता है। इस दिन मंगल से संबंधित चीज़ें गुड़, मसूर की दाल, लाल वस्त्र, तांबा आदि का दान करने से सौ गौ दान के समान फल मिलता है। प्रदोष का दिन भगवान शंकर से ताल्लुक रखता है। पुराणों में बताया गया है कि त्रयोदशी की रात के पहले प्रहर में जो व्यक्ति किसी भेंट के साथ शिव प्रतिमा के दर्शन करता है उसके समस्त समस्याओं का हल निकलता है।
भौम प्रदोष व्रत पूजा विधि
इस दिन व्रती को नित्यकर्मों से निवृत होकर व्रत का संकल्प लेना चाहिए और पूरे दिन उपवास करना चाहिए। पूरे दिन उपवास के बाद शाम के प्रथम प्रहर में फिर से स्नान करके सफेद वस्त्र धारण करने चाहिए और ईशान कोण में प्रदोष व्रत की पूजा के लिए स्थान का चुनाव करना चाहिए। पूजा स्थल को गंगाजल या साफ जल से शुद्ध करने के बाद, गाय के गोबर से लीपकर मंडप तैयार करना चाहिए। इस मंडप में पांच रंगों से कमल के फूल की आकृति बनाइए चाहें तो बाजार में कागज पर अलग-अलग रंगों से बनी कमल के फूल की आकृति भी ले सकते हैं। साथ में भगवान शिव की एक मूर्ति या तस्वीर भी रखिए।
इस तरह मंडप तैयार करने के बाद पूजा की सारी सामग्री अपने पास रखकर कुश के आसन पर बैठकर,उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके शिव जी की पूजा करें। पूजा के एक-एक उपचार के बाद ‘ऊँ नमः शिवाय’ का जप करें। जैसे पुष्प अर्पित करें और ‘ऊँ नमः शिवाय’ कहें, फल अर्पित करें और ‘ऊँ नमः शिवाय’ जपें। शिवजी की पूजा के बाद हनुमान जी की पूजा भी करनी चाहिए और उन्हें सिन्दूर चढ़ाना चाहिए। क्योंकि यह भौम प्रदोष व्रत है और भौम प्रदोष में हनुमान जी की पूजा की जाती है। माना जाता है कि भौम प्रदोष व्रत के दिन ऐसा करने से जल्द ही कर्ज से छुटकारा मिलाता है।
प्रदोष व्रत 2024 शुभ मुहूर्त
पौष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि प्रारंभ- 8 जनवरी को रात 11 बजकर 26 मिनट से
पौष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि समापन- 9 जनवरी को रात 10 बजकर 18 मिनट पर
प्रदोष व्रत 2024 तिथि- 9 जनवरी
प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त- 9 जनवरी 2024 को शाम 05 बजकर 13 मिनट से लेकर रात 8 बजे तक