
पिछले साल की तुलना में इस बार जिले का परिणाम बेहतर रहा है। इस साल 10वीं में 75.60 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं, जबकि 12वीं में 82.87 प्रतिशत छात्रों ने सफलता प्राप्त की है। 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं में बिलासपुर की छात्राएं छात्रों से आगे रही हैं।
जारी रिजल्ट के अनुसार 10वीं कक्षा में 23,123 रजिस्टर्ड छात्रों में से 22,458 परीक्षा में शामिल हुए। उनमें से 16,918 छात्र पास हुए। पिछले साल (2023-24) की तुलना में इस बार 2,149 ज्यादा छात्र सफल हुए।
खास बात यह रही कि जहां 2023-24 में 7,116 छात्र फेल हुए थे, वहीं 2024-25 में यह संख्या घटकर केवल 1,233 रह गई। इससे शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों की तैयारी में भारी सुधार नजर आ रहा है।
फर्स्ट डिवीजन आने वाले स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ी
दसवीं कक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण छात्रों की संख्या भी बढ़ी है। सत्र 2023-24 में 5,715 जबकि 2024-25 में यह संख्या 8,098 रही। इसमें छात्राओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही। इस वर्ष 9,998 छात्राएं उत्तीर्ण हुईं, जो छात्रों (6,920) से लगभग 3,000 ज्यादा हैं। इन आंकड़ों को देखा जाए तो लड़कों की तुलना में लड़कियों आगे हैं।
बारहवीं के रिजल्ट में हुआ सुधार, 82.87 स्टूडेंट्स सफल
कक्षा 12वीं में भी इसी प्रकार सुधार देखने को मिला। 2024-25 में परीक्षाफल 82.87 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल के 66.97 फीसद से 15.9 प्रतिशत अधिक है। फेल छात्रों की संख्या 3,980 से घटकर 1,218 हो गई है, जो एक बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि मानी जा सकती है।
प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण छात्रों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। सत्र 2023-24 में 4,241 से बढ़कर 2024-25 में 6,015 पर पहुंच गया। बारहवीं में भी लड़कों की तुलना में लड़कियां आगे रहीं। कक्षा 12वीं में 7,415 छात्राएं सफल रहीं, जबकि छात्रों की संख्या 5,149 रही।
डीईओ बोले- बेहतर रहा जिले का परिणाम
जिला शिक्षा अधिकारी अनिल तिवारी ने बताया कि इस बार जिले का परीक्षा परिणाम शानदार रहा है। हमने पिछले वर्ष की तुलना में बड़ी सफलता अर्जित की है। राज्य के टॉप टेन की सूची में कक्षा 10वीं के दो बच्चों ने स्थान अर्जित किया है।
टॉप टेन में बच्चों की संख्या बढ़ाने नए सिरे से मेहनत करनी होगी। ओवरआल रिजल्ट टॉप क्लास है। हमारे शिक्षकों व बच्चों के साथ अभिभावकों को भी इसका श्रेय जाता है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने टॉपर बच्चों का मुंह मीठा भी कराया।