
कौरिनभांठा, बजरंग वार्ड निवासी उमाशंकर साहू 13 जुलाई को अपनी पत्नी के साथ नवा रायपुर गए थे। 17 जुलाई की देर रात जब वे वापस लौटे, तो घर के मुख्य गेट और अलमारी का ताला टूटा मिला। चोरों ने अलमारी से सोने-चांदी के आभूषण, सिक्के और 80,000 रुपए नकद सहित कुल 2.48 लाख रुपए की संपत्ति चुरा ली थी। इस संबंध में बसंतपुर पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की।मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, एएसपी कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन और सीएसपी वैशाली जैन (IPS) के पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व बसंतपुर थाना प्रभारी कौशलेश देवांगन और साइबर थाना प्रभारी विनय पम्मार ने किया।
नागपुर में दबिश देकर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया
टीम ने शहर के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों का बारीकी से जांच किया। तकनीकी सबूत जुटाने पर पता चला कि आरोपी चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के रास्ते महाराष्ट्र की ओर भागे थे। इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत नागपुर में दबिश देकर दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूला
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रमाकांत उर्फ रामभाऊ (28 वर्ष), निवासी फोकट नगर, नागपुर (महाराष्ट्र) और वाल्सल सातपुटे (26 वर्ष), निवासी नागपुर (महाराष्ट्र) के रूप में हुई है। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने कौरिनभांठा के सूने मकान में चोरी करने की बात स्वीकार कर ली।
पुलिस ने आरोपियों के पास से लगभग 35 ग्राम सोने का गलाया हुआ डल्ला, चांदी की 3 जोड़ी पायल, 19 चांदी के सिक्के, बिछिया और नगदी बरामद की है।
जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी रमाकांत उर्फ रामभाऊ एक आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।
बसंतपुर और लालबाग थानों में चोरी (धारा 457, 380 भादवि) के कई मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जा रहा है।