बिलासपुर में सिम्स अस्पताल के आसपास यातायात और पार्किंग की गंभीर समस्या को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के संज्ञान लेने के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया

Chhattisgarh Crimesबिलासपुर में सिम्स अस्पताल के आसपास यातायात और पार्किंग की गंभीर समस्या को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के संज्ञान लेने के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग के कारण मरीजों और एम्बुलेंस को अस्पताल पहुंचने में हो रही परेशानी को दूर करने के लिए अधिकारियों ने संयुक्त बैठक कर समाधान पर चर्चा की।

सिम्स अस्पताल के मुख्य गेट से लेकर सदर बाजार चौक तक सड़क किनारे ठेले, गुमटियां, अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। इसका सबसे ज्यादा असर गंभीर मरीजों और एम्बुलेंस की आवाजाही पर पड़ता है।

सोमवार को हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

इस मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में PIL-93/2023 के तहत लगातार सुनवाई चल रही है। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सिम्स अस्पताल के आसपास ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या का स्थायी समाधान करने के निर्देश दिए थे। सोमवार को मामले की फिर सुनवाई होनी है, जिसके चलते प्रशासन आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने में जुटा है।

यातायात पुलिस, नगर निगम और सिम्स प्रबंधन की बैठक

हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद यातायात पुलिस, नगर निगम और सिम्स प्रबंधन के अधिकारियों ने संयुक्त बैठक की। बैठक में आपसी समन्वय के साथ अस्पताल क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और पार्किंग की समस्या का स्थायी समाधान निकालने पर चर्चा हुई।

इन समस्याओं पर हुई गंभीर चर्चा

बैठक में अधिकारियों ने रिवर व्यू रोड से सदर बाजार जाने वाले मुख्य मार्ग पर बेतरतीब खड़े वाहनों, सड़क किनारे संचालित ठेलों और गुमटियों, निजी एम्बुलेंसों की अव्यवस्थित पार्किंग तथा दुकानों पर आने वाले लोगों द्वारा सड़क पर वाहन खड़े किए जाने से होने वाले जाम पर विस्तार से चर्चा की।

अफसरों ने माना, मरीजों को हो रही परेशानी

अधिकारियों ने स्वीकार किया कि मौजूदा व्यवस्था के कारण गंभीर मरीजों, सड़क दुर्घटना में घायल लोगों, गर्भवती महिलाओं और अन्य आपातकालीन मरीजों को समय पर सिम्स अस्पताल पहुंचाने में दिक्कत होती है। इससे इलाज में देरी होने का खतरा बना रहता है।

अस्पताल क्षेत्र को बनाया जाएगा बाधारहित

बैठक में अस्पताल क्षेत्र को पूरी तरह आपातकालीन सेवाओं के अनुरूप सुगम और बाधारहित बनाने पर जोर दिया गया। इसके लिए पार्किंग स्थलों का चिन्हांकन, निजी एम्बुलेंसों के लिए अलग पार्किंग, सड़क किनारे अतिक्रमण और अव्यवस्थित ठेले-गुमटियों का नियमन, नो-पार्किंग जोन तय करने, यातायात संकेतक लगाने और नियमित ट्रैफिक मॉनिटरिंग जैसी कार्ययोजना पर सहमति बनी।

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