
मौसम विभाग के मुताबिक, आज (4 अगस्त) से पूरे प्रदेश में बारिश और गरज-चमक की एक्टिविटी बढ़ेगी। अगले तीन दिनों तक अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, कुछ स्थानों पर भारी बारिश और बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है।
पिछले 24 घंटे के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। 1 जून से अब तक छत्तीसगढ़ में सामान्य से केवल 5% कम बारिश हुई है, जिसे मौसम विभाग ने सामान्य श्रेणी में रखा है।
कम बारिश का असर खरीफ बुवाई पर पड़ा
लोकसभा में सरकार ने बताया कि इस साल देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का असर खरीफ बुवाई पर भी दिख रहा है। पिछले साल की तुलना में अब तक करीब 5% कम बुवाई हुई है। 1 जून से 29 जुलाई के बीच पंजाब में 33%, हरियाणा में 26%, उत्तर प्रदेश में 24%, राजस्थान में 16% और हिमाचल प्रदेश में 5% कम बारिश दर्ज की गई।
सरकार ने कहा कि खरीफ सीजन 2026-27 की बुवाई अभी जारी है, इसलिए पहली फसल उत्पादन अनुमान रिपोर्ट अभी जारी नहीं हुई है। हालात से निपटने के लिए 342 जिलों के कंटिजेंसी प्लान अपडेट किए गए हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया कि राहत और बचाव की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है, जबकि जरूरत पड़ने पर SDRF और NDRF के तहत केंद्र सरकार की ओर से भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।