
जानकारी के मुताबिक, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के भिखमपुरा गांव के रहने वाले 55 वर्षीय नारद लहरे पीलिया की बीमारी से पीड़ित थे। वह रविवार दोपहर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती हुए थे।
मंगलवार सुबह नारद गायनिक वार्ड के बाथरूम में गए। वहां उन्होंने अपनी फुलपैंट से फंदा बनाया और फांसी लगा ली। सुबह सफाईकर्मियों ने बाथरूम में उनका शव देखा। इसके बाद उन्होंने तुरंत विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
अस्पताल के डॉक्टर मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए मरच्युरी में रखवा दिया।
पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मरीज ने आत्महत्या क्यों की, इसका कारण सामने नहीं आया है।
सुबह 5 बजे से बेड से गायब था मरीज
इस मामले में अस्पताल अधीक्षक डॉ. दुर्गा शंकर पटेल ने बताया कि मंगलवार सुबह सफाईकर्मी ने गायनिक वार्ड के सामान्य बाथरूम में मरीज को फांसी के फंदे पर लटका देखा। इसके बाद अस्पताल के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई।
जांच में पता चला कि मरीज मेडिसिन वार्ड का था और सुबह करीब 5 बजे से अपने बेड से गायब था। अस्पताल में उसकी तलाश की जा रही थी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। पूछताछ में यह भी पता चला कि मरीज शराब पीने का आदी था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।