दुर्ग-भिलाई शहर में ऑटो और ई-रिक्शा से सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा और चालकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस नई व्यवस्था शुरू करने जा रही है। 16 अगस्त से ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।
रजिस्ट्रेशन के बाद प्रत्येक चालक को QR कोड जारी किया जाएगा। यात्री QR कोड स्कैन कर चालक की पहचान और उससे जुड़ी जानकारी देख सकेंगे। इससे सफर के दौरान किसी तरह की परेशानी होने पर चालक की पहचान करना आसान होगा।
बुधवार को पुलिस कंट्रोल रूम में करीब 150 ऑटो चालकों की बैठक हुई, जिसमें चालकों को नई व्यवस्था की जानकारी दी गई और QR कोड के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया का डेमो भी दिखाया गया। ASP कौशलेंद्र देव पटेल ने बताया कि सभी ऑटो और ई-रिक्शा का सत्यापन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित सफर उपलब्ध कराने के साथ शहर में ऑटो संचालन को व्यवस्थित करना है। रजिस्ट्रेशन के बाद प्रत्येक चालक की जानकारी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज रहेगी। QR कोड के जरिए यात्रियों को भी चालक की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
यातायात पुलिस शहर में ऑटो के खड़े होने की जगह को भी व्यवस्थित करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए अलग-अलग जगहों पर ऑटो खड़े करने की व्यवस्था तय की जाएगी।
ऑटो चालकों के लिए रोटेशन सिस्टम भी बनाया जाएगा, ताकि सभी चालकों को बारी-बारी से सवारी मिल सके और सड़कों पर बेवजह ऑटो की भीड़ न लगे। इसके साथ ही किराये को लेकर भी व्यवस्था बनाने की बात कही गई है।
कागज पूरे नहीं तो परिवहन विभाग से मदद
बैठक में चालकों को अपने वाहन के सभी दस्तावेज पूरे और अपडेट रखने के निर्देश दिए गए। वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बिना ऑटो या ई-रिक्शा नहीं चलाने के लिए भी कहा गया। जिन चालकों के वाहन के कागजात पूरे नहीं हैं, उनके दस्तावेज बनवाने के लिए परिवहन विभाग से चर्चा की जाएगी। सरकारी शुल्क में जरूरी कागजात बनवाने की सुविधा दिलाने की कोशिश की जाएगी।
मोबाइल से बताया रजिस्ट्रेशन का तरीका
जनहित फाउंडेशन रायपुर के ऋषभ सोनी ने ऑटो चालकों को PPT और मोबाइल के जरिए QR कोड रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया समझाई। उन्होंने मोबाइल पर रजिस्ट्रेशन करने का तरीका स्टेप-बाय-स्टेप बताया।
चालकों को मौके पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया का डेमो भी दिया गया, ताकि 16 अगस्त से शुरू होने वाली प्रक्रिया में उन्हें परेशानी न हो। यातायात पुलिस का कहना है कि इस व्यवस्था से यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ ऑटो और ई-रिक्शा के संचालन को भी व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।