रायपुर में क्रिप्टो ट्रेडिंग में तय मुनाफा दिलाने का झांसा देकर स्टूडेंट ने अपने टीचर से 1 करोड़ 54 लाख 90 हजार की ठगी कर ली। शिक्षक का आरोप है कि आरोपियों ने शुरुआत में कुछ समय तक मुनाफा देकर उसका भरोसा जीता।
इसके बाद अलग-अलग खातों में रकम जमा कराई। जब शिक्षक ने अपनी मूल रकम वापस मांगी तो आरोपी मुंबई से पैसा आने, ट्रेडिंग आईडी ब्लॉक होने और रकम फंसने जैसे बहाने बनाने लगे।
बाद में दोबारा निवेश के नाम पर भी पैसे लिए गए और 5 फरवरी 2026 से सभी आरोपी मोबाइल बंद कर मकान छोड़कर फरार हो गए। शिकायत के आधार पर पुलिस मामले में आरोपियों की भूमिका और पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है।
आरोपियों का नाम नेहल अग्रवाल, ललित अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, सीमा अग्रवाल और नमित अग्रवाल है। यह मामला आजाद चौक थाना क्षेत्र का है।
जानिए क्या है पूरा मामला
शिकायतकर्ता पुष्कर जैन ने पुलिस को बताया कि वह कॉमर्स के टीचर हैं। 2020-21 में कोचिंग में स्टूडेंट नेहल अग्रवाल से उनकी पहचान हुई थी। इसके बाद नेहल ने उन्हें ललित अग्रवाल उर्फ लक्की, विवेक अग्रवाल और अपने कुछ अन्य परिजनों से मिलवाया।
आरोपियों ने बताया कि वे क्रिप्टोकरेंसी और USDT ट्रेडिंग का काम करते हैं। उन्होंने दावा किया कि इस कारोबार से हर महीने 25 से 30 प्रतिशत तक मुनाफा होता है। आरोपियों ने पुष्कर जैन को निवेश करने पर 8 से 10 प्रतिशत का तय मुनाफा देने का दावा किया।
बैंक से कर्ज लिया, अपनी रकम भी लगाई
शिकायत के मुताबिक, 22 अगस्त 2024 से अलग-अलग तारीखों में पुष्कर ने आरोपियों के बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करना शुरू किया। उन्होंने अपनी जमा पूंजी के साथ-साथ बैंक और दूसरे स्रोतों से कर्ज लेकर भी निवेश किया। शुरुआत में कुछ मुनाफा मिलने से उनका आरोपियों पर भरोसा और बढ़ गया।
शिक्षक ने बताया कि जब उन्होंने अपनी मूल रकम वापस मांगी तो आरोपी अलग-अलग बहाने बनाने लगे। कभी मुंबई से पैसा आने की बात कही गई तो कभी ट्रेडिंग आईडी ब्लॉक होने और पैसा फंसने का बहाना बनाया गया।
जनवरी 2025 में पुष्कर आरोपियों के मोवा स्थित घर पहुंचे और अपनी रकम वापस मांगी। वहां सीमा देवी अग्रवाल, संजय अग्रवाल, ललित अग्रवाल और विवेक अग्रवाल ने उन्हें दो महीने के अंदर पूरी रकम लौटाने का भरोसा दिया।