
वार्ड-51 की पार्षद शुक्रवार सुबह गौठान पहुंचीं और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गौठान की निर्धारित क्षमता से ढाई गुना से अधिक गोवंश यहां रखे गए हैं। इसके बावजूद उनके लिए पर्याप्त चारा, पानी और इलाज की व्यवस्था नहीं है।
260 गोवंश रखने का हुआ है अनुबंध
पार्षद के मुताबिक, नगर निगम ने फुंडहर गौठान में 260 गोवंश रखने के लिए ठेकेदार से अनुबंध किया है। यह अनुबंध 30 अक्टूबर 2025 को एक साल के लिए किया गया था। इसके तहत प्रति गोवंश प्रतिदिन 27.60 रुपए की दर तय की गई है।अनुबंध की कुल राशि 25.83 लाख रुपए है। पार्षद का दावा है कि फिलहाल गौठान में 650 से अधिक गोवंश रखे गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब गौठान में 260 गोवंश रखने का ही अनुबंध है, तो अतिरिक्त गोवंश के चारे, पानी, इलाज और रहने की व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है?
चारा, पानी और इलाज की व्यवस्था पर सवाल
रेणु साहू ने आरोप लगाया कि गौठान में पर्याप्त चारा नहीं है। पशु चिकित्सक की नियमित सुविधा, शेड और साफ-सफाई की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है। गौठान में जगह-जगह गंदगी और अव्यवस्था है और इसी कारण गोवंश की हालत खराब हो रही है।
उन्होंने कहा कि क्षमता से ज्यादा गोवंश रखने के बावजूद शहर के दूसरे इलाकों से लगातार पशुओं को यहां लाया जा रहा है। इससे पहले से मौजूद गोवंश पर भी दबाव बढ़ रहा है।
भाजपा सरकार पर भी साधा निशाना
पार्षद ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार गौ-प्रेम की बात करती है, लेकिन जमीन पर गोवंश की देखभाल की व्यवस्था बदहाल है। नगर निगम से लेकर केंद्र तक भाजपा की सरकार होने के बावजूद अगर गोवंश को चारा, पानी, इलाज और सुरक्षित शेड नहीं मिल रहा है तो सरकार को अपने दावों का जवाब देना चाहिए।
पार्षद की मांग- जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई
रेणु साहू ने गोवंश की मौत के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने गौठान में तत्काल अतिरिक्त शेड बनाने, पर्याप्त चारा-पानी उपलब्ध कराने, नियमित पशु चिकित्सक और उपचार की व्यवस्था करने के साथ सफाई व्यवस्था सुधारने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर गोवंश की मौत का सिलसिला नहीं रुका और व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस कार्यकर्ता जनता और गौभक्तों के साथ निगम प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करेंगे।