
मामला रेंगालपाली सर्किल के छोटे हरदी वन क्षेत्र का है। वन विभाग को सूचना मिली थी कि छोटे हरदी वन क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 1026 ओए में 11 केवी विद्युत हाईटेंशन लाइन से जीआई तार जोड़कर वन्यप्राणी जंगली सुअर का शिकार करने के लिए करंट प्रवाहित तार बिछाया गया है। सूचना के बाद वन अमले की टीम मौके पर पहुंची और जांच की।
मौके से GI तार बरामद
इस दौरान मौके से जीआई तार बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि इसी तार की चपेट में आने से दो पालतू गायों की करंट लगने से मौत हो गई थी। आसपास पूछताछ करने पर गौरांग गुप्ता (34), कृष्ण यादव, कुश कुमार सांवरा और उमेश गुप्ता, सभी निवासी छोटे हरदी, संदिग्ध के रूप में सामने आए।
इसके बाद वन अमले ने शनिवार को चारों संदिग्धों के घर दबिश दी। चारों को पूछताछ के लिए वन परिक्षेत्र कार्यालय लाया गया।
पूछताछ में सामने आया आरोपी का नाम
संदिग्धों से पूछताछ में उमेश, कृष्ण और कुश कुमार ने बताया कि गौरांग ने वन्यप्राणी के शिकार के लिए 11 केवी विद्युत लाइन से जीआई तार की हुकिंग कर उसे वन क्षेत्र में बिछाया था। इसके बाद वन अमले ने गौरांग से पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के उल्लंघन के मामले में धारा 9, 39, 50, 51 और 52 के तहत कार्रवाई करते हुए गौरांग को गिरफ्तार किया। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उसे रिमांड पर जेल भेज दिया।
वन अपराध की सूचना तत्काल दें
रायगढ़ वन परिक्षेत्र अधिकारी संजय लकड़ा ने बताया कि सूचना मिलने के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। पूछताछ में उसने वन्यजीव के शिकार के लिए करंट प्रवाहित तार लगाने की बात स्वीकार की है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वन अपराध से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें।