बिलासपुर के मगरपारा स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्वामी आत्मानंद शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में प्राचार्य कक्ष समेत चार कमरों की फॉल सीलिंग अचानक गिर गई। हादसा उस समय हुआ, जब स्कूल में बच्चे मौजूद नहीं थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, शहर में रविवार से रुक-रुककर बारिश हो रही है। रविवार रात से सोमवार सुबह तक भी बारिश का दौर जारी रहा। इसका असर जर्जर और कमजोर भवनों पर भी पड़ रहा है। इसी दौरान सत्यम चौक स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्वामी आत्मानंद स्कूल में फॉल सीलिंग गिरने की घटना सामने आई।
सालों पुराने डॉ. बीआर अंबेडकर स्कूल को साल 2022 में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूल का दर्जा दिया गया था। इसके बाद स्कूल भवन की मरम्मत पर लाखों रुपए खर्च किए गए। सभी कमरों में फॉल्स सीलिंग और परिसर में टाइल्स लगाई गई थीं।
बताया जा रहा है कि सीपेज और नमी के कारण स्कूल के अन्य कमरों की फॉल्स सीलिंग भी जर्जर हो चुकी है। लगातार बारिश के चलते स्कूल परिसर में पानी भर गया है। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से छोटे बच्चों को आने-जाने और मध्याह्न भोजन करने में परेशानी हो रही है।
स्कूल प्रबंधन ने मामले की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और नगर निगम के अधिकारियों को दे दी है। अब फॉल्स सीलिंग गिरने और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की जाएगी
बारिश में फॉल्स सीलिंग गिरने का खतरा
स्कूल के शिक्षक कुबेर दास कुर्रे ने बताया कि बारिश के दौरान प्रिंसिपल ऑफिस, कक्षा छठवीं, कंप्यूटर रूम समेत चार कमरों की फॉल्स सीलिंग गिर गई। उन्होंने बताया कि स्कूल के कई कमरों की हालत पहले से ही जर्जर है। इसकी जानकारी विभाग के अधिकारियों को पहले ही दी जा चुकी थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
शिक्षकों के मुताबिक, स्कूल में यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बारिश के दौरान परिसर में पानी भरना भी आम बात है। स्कूल की बदहाल स्थिति और जलभराव को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। शिक्षकों का कहना है कि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो आगे बड़ा हादसा हो सकता है।
टल गया बड़ा हादसा, बच्चे होते तो खतरा
शिक्षकों ने कहा कि यह हादसा रात में हुआ है, जिसके कारण किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। अगर स्कूल टाइमिंग में यह घटना होती तो स्कूली बच्चे और शिक्षक इसके चपेट में आते। जिससे जान-जोखिम की स्थिति बन जाती।
हादसे के बाद बच्चों को 31 अगस्त तक स्कूल आने से मना किया गया है। मंगलवार को परीक्षा के कारण स्कूल कुछ समय के लिए खोला जा सकता है। परीक्षा सुरक्षित कमरे में कराई जाएगी।
स्कूल की कर छुट्टी, पढ़ाई प्रभावित
इस हादसे के बाद स्कूल प्रबंधन ने अवकाश घोषित कर दिया है। स्कूल में कक्षाएं नहीं लग रही है। शिक्षकों का कहना है कि इस तरह से जर्जर हालत में क्लास रूम में बच्चों को बैठाना खतरा हो सकता है।
कलेक्टर और डीईओ को दी जानकारी
स्कूल प्रबंधन ने कलेक्टर और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को घटना की जानकारी दे दी है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिला शिक्षा अधिकारी को इस मामले की जांच करने के साथ ही बच्चों के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।