छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के परसदा-केराझर वाटरफॉल में आखिरकार आम लोगों के जाने पर रोक लगा दी गई

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के परसदा-केराझर वाटरफॉल में आखिरकार आम लोगों के जाने पर रोक लगा दी गई है। 6 अगस्त को दैनिक भास्कर डिजिटल ने इस वाटरफॉल की खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया गया था कि युवक 25-30 फीट ऊंचाई से छलांग लगा रहे हैं। इसके बाद कलेक्टर ने यहां आम लोगों के जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। साथ ही वाटरफॉल में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

जिले में पर्यटन स्थलों पर बढ़ती लापरवाही और हादसों की आशंका को देखते हुए कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने परसदा-केराझर वाटरफॉल और उसके आसपास के क्षेत्र में आम लोगों और पर्यटकों के प्रवेश पर तुरंत रोक लगा दी है। कलेक्टर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। यह आदेश अगले आदेश तक लागू रहेगा।

प्रशासन को जानकारी मिली है कि परसदा-केराझर वाटरफॉल में कुछ युवा सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज पाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। करीब 30 फीट ऊंचे झरने की फिसलन वाली चट्टानों से पानी में छलांग लगाने जैसे खतरनाक स्टंट किए जा रहे हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने वाटरफॉल क्षेत्र को खतरनाक क्षेत्र मानते हुए यह आदेश जारी किया है।

वाटरफॉल और पहुंच के रास्ते ‘नो गो जोन’

जारी आदेश के अनुसार परसदा-केराझर वाटरफॉल और उसके आसपास के सभी क्षेत्रों में आम लोगों, पर्यटकों, युवाओं और छात्र-छात्राओं के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी।वाटरफॉल की ओर जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों और वन क्षेत्र की पगडंडियों को ‘नो गो जोन’ घोषित किया गया है। पिकनिक, रील या वीडियो बनाने, सेल्फी लेने और किसी भी तरह के स्टंट के लिए भी इस क्षेत्र में जाना प्रतिबंधित रहेगा।

बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश

कलेक्टर ने पुलिस विभाग को वाटरफॉल की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस चेक पोस्ट और बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही छुट्टी के दिनों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है, ताकि प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को जाने से रोका जा सके।

लगाए जाएंगे ‘नो एंट्री’ और ‘खतरा’ बोर्ड

राजस्व, वन और पंचायत विभाग को वाटरफॉल के खतरनाक हिस्सों और पहुंच के रास्तों पर बड़े और साफ ‘प्रवेश निषेध’ और ‘खतरा’ चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं तहसीलदार और संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच व सचिव को आसपास के क्षेत्रों और गांवों में लगातार मुनादी और लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को प्रतिबंध की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।

आदेश तोड़ने पर होगी कार्रवाई

कलेक्टर के आदेश का उल्लंघन कर वाटरफॉल क्षेत्र में जाने, लोगों को वहां जाने के लिए उकसाने और प्रशासन की कार्रवाई में बाधा डालने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने बताया है कि मौजूदा स्थिति की गंभीरता और आपात स्थिति को देखते हुए यह आदेश एकतरफा जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने आम लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परसदा-केराझर वाटरफॉल क्षेत्र में न जाएं और प्रशासन के प्रतिबंध का पालन करें।

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