छत्तीसगढ़ के बालोद में भाजपा सांसद भोजराज नाग ने दावा किया कि उन्होंने बूढ़ादेव, महादेव से प्रार्थना कर नींबू काटा और बारिश रुक गई

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के बालोद में भाजपा सांसद भोजराज नाग ने दावा किया कि उन्होंने बूढ़ादेव, महादेव से प्रार्थना कर नींबू काटा और बारिश रुक गई। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम सफल हो गया, अब पानी अब पानी को गिरना है तो गिरे।

वहीं, अब उनके इस बयान का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। भाजपा सांसद के बयान पर कांग्रेस तंज कसा है। बालोद कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि अगर सांसद नींबू काटकर बारिश रोक सकते हैं, तो उन्हें नींबू काटकर शक्कर के दाम भी कम करवा देने चाहिए।

महतारी वंदन की किस्त जारी करने पहुंचे थे CM

दरअसल, डौंडीलोहारा में मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त जारी करने पहुंचे थे। इसी दौरान सांसद भोजराज नाग ने खराब मौसम का जिक्र करते हुए बारिश रोकने के लिए बूढ़ादेव-महादेव से प्रार्थना करने और नींबू काटने की बात कही।

सांसद बोले- कार्यक्रम सफल हुआ, अब पानी को गिरना है तो गिरे

सांसद भोजराज नाग ने कहा कि आज खराब मौसम में भी यहां आने के लिए रात 12 बजे जब मुख्यमंत्री का प्रोटोकॉल जारी हुआ। कल भी यहां मौसम खराब था, लेकिन मैं बूढ़ादेव, महादेव से प्रार्थना करके और नींबू काटके पानी को रोक दिया हूं।

उन्होंने आगे कहा कि कार्यक्रम सफल हो गया है, अब पानी को गिरना है तो गिरे। उनके इस बयान पर मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत अन्य नेताओं के चेहरे पर मुस्कान नजर आई। सभा में भी ठहाके गूंजने लगे।

वीडियो वायरल हुआ तो सोशल मीडिया पर उठे सवाल

कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद तेजी से वायरल होने लगा। यूजर्स ने बारिश रोकने के सांसद के दावे पर सवाल उठाते हुए तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने कमेंट्स सेक्शन में लिखा- अब नींबू काटकर गैंस सिलेंडर और बिजली बिल के रेट कम करवा दीजिएगा।

पहले भी बयान को लेकर रह चुके हैं सुर्खियों में

बता दें कि भोजराम नाम कांकेर लोकसभा सीट से सांसद हैं। इससे पहले भी सांसद अपने भूत उतारने वाले बयान को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। 9 महीने पहले उन्होंने धमतरी में कहा था कि जो अधिकारी जनता की समस्याओं पर फोन नहीं उठाएंगे और शिकायतों का समाधान नहीं करेंगे, हम सभी के लिए नींबू काटेंगे।

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