
पहली घटना मरवाही वन परिक्षेत्र के नाका परिसर के कक्ष क्रमांक 2005 में हुई। लालजी नामक व्यक्ति गाय-बैल चराने जंगल गया था। इसी दौरान अचानक भालू ने उस पर हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
दूसरी घटना में मनोज अपनी पत्नी सीतल और बेटे साजन के साथ खेत से काम करके बैल लेकर घर लौट रहे थे। रास्ते में उनका सामना भालू से हो गया। भालू ने मनोज और उनकी पत्नी सीतल पर हमला कर दिया। इसी दौरान खुद को बचाने के लिए उनका बेटा साजन एक गड्ढे में कूद गया, जिससे उसे भी अंदरूनी चोटें आईं।
अस्पताल पहुंचा वन विभाग का अमला
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के अधिकारी मरवाही अस्पताल पहुंचे और घायलों से घटना की जानकारी ली। वन परिक्षेत्र अधिकारी ने घायलों के परिजनों को सहयोग राशि भी दी है।
सुबह-शाम जंगल जाने से बचें
भालू के लगातार मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग ने स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने लोगों से सुबह और शाम के समय जंगल की ओर जाने से बचने और जंगल में जाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।