छत्तीसगढ़ सरकार ने अलग-अलग निगम, बोर्ड और आयोग के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों को कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री का दर्जा दिया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ सरकार ने अलग-अलग निगम, बोर्ड और आयोग के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों को कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री का दर्जा दिया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, कुल 18 पदाधिकारियों को मंत्री का दर्जा दिया गया है। इनमें 3 को कैबिनेट मंत्री और 15 को राज्य मंत्री का दर्जा मिला है।

वहीं, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी को पहले 29 अक्टूबर 2025 के आदेश में राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया था। अब इस आदेश में बदलाव करते हुए उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है।

सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल चौहान, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी और छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया है।

15 को राज्य मंत्री का दर्जा

वहीं, सरकार ने 15 अन्य पदाधिकारियों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया है। इनमें गौरिशंकर श्रीवास, आनंद निषाद, राजेश कुमार राजपूत, राजेंद्र नायक, सुधीर गौतम, एजाज मिर्जा बेग, भोजराज देवांगन, प्रभात मिश्रा, सुषमा जेठानी, शशिकांत द्विवेदी,

डॉ. जेपी शर्मा, किशोर महानंद, आनंद कुमार तिवारी (राजीव लोचन दास महाराज), वेदराम मनहरे और मंगल दास ठाकुर शामिल हैं। इनमें निगम-मंडलों और आयोगों के अध्यक्षों के साथ कुछ उपाध्यक्ष भी शामिल हैं।

27 अगस्त से आदेश लागू

सरकार ने कहा है कि इस सूची से किसी की वरिष्ठता या प्रोटोकॉल तय नहीं होता। यह नया आदेश 27 अगस्त 2026 से लागू है।

Exit mobile version