छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित ESIC अस्पताल के डॉक्टर डॉ. एल्विन वे (30) ने सुसाइड कर लिया। 29 अगस्त की शाम अस्पताल परिसर स्थित कर्मचारी आवास के बाथरूम में उनका शव नायलॉन की रस्सी के फंदे पर लटका मिला। उनके हाथ पर चोट के निशान भी मिले हैं।
सूचना पर सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पुलिस को आशंका है कि डॉ. एल्विन ने पहले सर्जिकल ब्लेड से हाथ की नस काटने की कोशिश की और इसके बाद फांसी लगाई। हालांकि, मौत की वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
शुरुआती जांच में सुसाइड के पीछे प्रेम प्रसंग की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि डॉ. एल्विन 11 अगस्त को कोयंबटूर गए थे। वहां दो दिन होटल में रुककर उन्होंने युवती की मां और भाई से मुलाकात की। 12 अगस्त को पालक्काड के एक चर्च में शादी के लिए आवेदन भी दिया था।
इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया और रिश्ता टूट गया। इसके बाद कोरबा लौटने पर डॉ. एल्विन गुमसुम रहने लगे थे। पुलिस प्रेम प्रसंग के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है।
केरल के पालक्काड के रहने वाले थे डॉक्टर
डॉ. एल्विन मूल रूप से केरल के पालक्काड के रहने वाले थे। उन्होंने तमिलनाडु के कोयंबटूर से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी। करीब एक साल पहले उनकी पोस्टिंग कोरबा के ईएसआईसी (कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल) अस्पताल में हुई थी। वह अस्पताल परिसर में मिले कर्मचारी आवास में अकेले रहते थे।
शनिवार (29 अगस्त) सुबह 9 बजे डॉ. एल्विन की ओपीडी में ड्यूटी थी, लेकिन वे अस्पताल नहीं पहुंचे। स्टाफ ने उन्हें फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। शाम करीब 4 बजे तक संपर्क नहीं होने पर कर्मचारी उनके आवास पहुंचे।
बाथरूम में फंदे पर लटका था शव
अंदर से कोई जवाब नहीं मिलने पर खिड़की का कांच तोड़कर दरवाजा खोला गया। इसके बाद बाथरूम में उनका शव फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलने पर सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
पुलिस को बाथरूम में कपड़े टांगने वाले दो हैंगर के बीच रस्सी बांधकर बनाया गया फंदा मिला। पुलिस ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं।
पुलिस को डॉक्टर के हाथ पर चोट के निशान भी मिले हैं। आशंका है कि उन्होंने पहले सर्जिकल ब्लेड से नस काटने की कोशिश की होगी और इसके बाद फांसी लगा ली। हालांकि मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही साफ होगी।