भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से करीब 250 टन लौह स्क्रैप चोरी के चर्चित मामले में कथित मास्टरमाइंड संजय सिंह को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली

Chhattisgarh Crimesभिलाई स्टील प्लांट (BSP) से करीब 250 टन लौह स्क्रैप चोरी के चर्चित मामले में कथित मास्टरमाइंड संजय सिंह को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए संजय सिंह को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। पुलिस ने संजय पर फ्लू डस्ट के परिवहन की आड़ में BSP का लोहा बाहर निकालने वाले कथित नेटवर्क का मास्टरमाइंड होने का आरोप लगाया था।

संजय सिंह को जमानत मिलने के बाद इस मामले में आरोपियों को अदालत से राहत मिलने का सिलसिला आगे बढ़ गया है। इससे पहले संजय के बेटे अभय सिंह, व्यवसायी हिमांशु खंडेलवाल और BSP के पूर्व GM हिमांशु भूषण मलिक को भी हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। पुलिस की जांच में सामने आए आरोप, जब्त किए गए स्क्रैप और कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका अब ट्रायल के दौरान जांची जाएगी।

बेटे अभय को भी मिल चुकी है जमानत

संजय सिंह के बेटे अभय सिंह का नाम जांच आगे बढ़ने के बाद सामने आया था। पुलिस के मुताबिक, केस दर्ज होने के बाद वह फरार था और उसकी गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित किया गया था। बाद में हाईकोर्ट ने अभय सिंह को जमानत दे दी। कोर्ट ने उसे जांच और ट्रायल में सहयोग करने, किसी गवाह को प्रभावित नहीं करने और सुनवाई के दौरान अदालत में उपस्थित रहने जैसी शर्तों के साथ राहत दी थी।

इस मामले में व्यवसायी हिमांशु खंडेलवाल को भी हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। पुलिस ने उन पर कथित तौर पर स्क्रैप चोरी की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था। जांच के दौरान स्क्रैप की सप्लाई और उसे बाहर खपाने से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल में उनका नाम सामने आया था।

26 मई को दो ट्रकों की जांच से खुला मामला

पूरे मामले की शुरुआत 26 मई 2026 को हुई थी। पुलिस के मुताबिक, BSP के ब्लास्ट फर्नेस से निकलने वाली फ्लू डस्ट को बाहर ले जाने वाले दो वाहनों की जांच की गई थी। इन वाहनों में फ्लू डस्ट के साथ आयरन स्क्रैप भी मिला था। इसके बाद प्लांट प्रबंधन की शिकायत पर पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने आरोप लगाया कि फ्लू डस्ट के परिवहन की आड़ में BSP का लौह स्क्रैप बाहर निकालकर खपाया जा रहा था। इसी जांच में कई लोगों की भूमिका सामने आई और मामले का दायरा लगातार बढ़ता गया।

250 टन स्क्रैप और 3.22 करोड़ का माल जब्त

पुलिस की कार्रवाई के दौरान करीब 250 टन लोहे की प्लेट और बीम कटिंग समेत लगभग 3.22 करोड़ रुपए का माल जब्त किया गया था। जांच में पुलिस ने इसे संगठित तरीके से किए जा रहे स्क्रैप चोरी के नेटवर्क से जोड़ते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, संजय सिंह इस नेटवर्क में प्रमुख भूमिका निभा रहा था।

लंबे समय तक फरार रहने के बाद संजय सिंह को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था। उस समय पुलिस ने संजय सिंह और उसके बेटे अभय सिंह की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।

BSP के GM-AGM भी जांच के दायरे में आए

मामले की जांच आगे बढ़ने पर BSP के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। जुलाई में पुलिस ने BSP के GM हिमांशु भूषण मलिक और AGM मनोज कुमार देवांगन को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि प्लांट के भीतर स्क्रैप की निगरानी और निकासी व्यवस्था में लापरवाही या मिलीभगत के कारण चोरी को अंजाम देने में मदद मिली।

हालांकि, बाद में पूर्व GM हिमांशु भूषण मलिक को हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिल गई। कोर्ट में उनके पक्ष से दलील दी गई थी कि उनका नाम मूल FIR में नहीं था और उनके खिलाफ कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं है।