छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में फर्जी ट्रांसफर कराने का मामला सामने आया था, इस मामले में जेल में बंद भाजपा से निष्कासित पूर्व महामंत्री कृष्णा अवस्थी और उनके बेटे प्रणव अवस्थी पर अब वार्ड बॉय की नौकरी दिलाने के नाम पर छह लोगों से 6 लाख रुपए लेने का आरोप लगा

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में फर्जी ट्रांसफर कराने का मामला सामने आया था। इस मामले में जेल में बंद भाजपा से निष्कासित पूर्व महामंत्री कृष्णा अवस्थी और उनके बेटे प्रणव अवस्थी पर अब वार्ड बॉय की नौकरी दिलाने के नाम पर छह लोगों से 6 लाख रुपए लेने का आरोप लगा है।

शिकायत के मुताबिक, कृष्णा ने भाजपा कार्यालय में 2 बार 3-3 लाख रुपए लिए, जबकि प्रणव ने युवकों से जरूरी दस्तावेज और हस्ताक्षर करवाए। नौकरी नहीं मिलने पर जब पैसे वापस मांगे गए तो दोनों पर टालमटोल करने का आरोप है। कृष्णा अवस्थी के पैसे लेते हुए वीडियो भी सामने आया है।

शिकायतकर्ताओं ने पैसे के लेनदेन का वीडियो भी पुलिस को सौंपा है। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि दोनों पहले से फर्जी ट्रांसफर आदेश मामले में जेल में बंद हैं। यह मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है।

अब जानिए पूरा मामला

ग्राम ओड़ान के पूर्व सरपंच जीवन लाल कमल ने पुलिस से शिकायत की है। शिकायत के मुताबिक, गांव के ही भाजपा कार्यकर्ता नाथूराम वर्मा ने उनकी मुलाकात कृष्णा अवस्थी से कराई थी। आरोप है कि कृष्णा अवस्थी ने जिला अस्पताल में वार्ड बॉय के छह पदों पर नौकरी लगवाने का झांसा दिया।

इसके बाद 14 सितंबर 2025 को कृष्णा अवस्थी ने कथित तौर पर 3 लाख रुपए लिए। इसके बाद 14 फरवरी 2026 को बलौदाबाजार स्थित भाजपा कार्यालय में बुलाकर 3 लाख रुपए और लिए गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दोनों बार मिलाकर कुल 6 लाख रुपए दिए गए। एक उम्मीदवार से 1 लाख रुपए लिए गए थे।

बेटे के पास भेजकर जमा कराए दस्तावेज

शिकायत के अनुसार, पैसे लेने के बाद कृष्णा अवस्थी ने नौकरी के इच्छुक युवकों को अपने बेटे प्रणव अवस्थी के पास भेजा। प्रणव कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कैंटीन में मिला और वहां युवकों से अंकसूची, फोटो और बैंक पासबुक समेत अन्य दस्तावेज लिए गए। उनसे कुछ कागजों पर हस्ताक्षर भी कराए गए।

आरोप है कि युवकों को 24 अगस्त 2026 को ज्वाइनिंग लेटर मिलने की बात कही गई थी। लेकिन तय तारीख तक नौकरी नहीं लगी। इसके बाद पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगे तो उन्हें लगातार टालमटोल किया जाता रहा।

रायपुर कलेक्ट्रेट और जिला अस्पताल बुलाने का आरोप

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब उन्होंने पैसे वापस करने के लिए दबाव बनाया तो कृष्णा अवस्थी उन्हें रायपुर कलेक्ट्रेट ले गए। वहां अधिकारियों से बातचीत कर नौकरी का रास्ता साफ कराने की बात कही गई।

इसके बाद उन्हें बलौदाबाजार जिला अस्पताल में ज्वाइनिंग कराने के लिए बुलाया गया। हालांकि, इसी दौरान कृष्णा अवस्थी को पलारी थाना पुलिस ने फर्जी तबादला आदेश मामले में गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में उनके बेटे प्रणव अवस्थी को भी पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।

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