एमिटी यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ के हॉस्टल मेस में खाने की क्वालिटी और साफ-सफाई को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपना स्पष्टीकरण जारी किया

Chhattisgarh Crimesएमिटी यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ के हॉस्टल मेस में खाने की क्वालिटी और साफ-सफाई को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपना स्पष्टीकरण जारी किया है।

यूनिवर्सिटी का कहना है कि 3 सितंबर को स्टूडेंट्स मेस कमेटी ने मेस का इंस्पेक्शन किया। इस दौरान सफाई, डाइनिंग एरिया, खाना सर्व करने की व्यवस्था और हाउसकीपिंग संतोषजनक मिली।

निरीक्षण में कोई बड़ी कमी नहीं मिली। हालांकि, स्टूडेंट्स की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कुलपति ने मामले की विस्तृत जांच के लिए 4 सदस्यीय कमेटी बनाई है।

यह कमेटी शिकायतों, स्टूडेंट्स के फीडबैक और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच कर रिपोर्ट देगी।

स्टूडेंट्स का आरोप- दाल-चावल में मिल रहे कीड़े

दरअसल, हॉस्टल में रहने वाले स्टूडेंट्स ने नाम न पब्लिश करने का निवेदन करते हुए बताया था किखाने की प्लेट में दाल-चावल के साथ कभी इल्ली तो कभी छोटे-छोटे कीड़े मिल रहे हैं।

उन्होंने बताया कि मेस में खाना खाते समय अब यह टेंशन रहती है कि प्लेट में कोई कीड़ा न निकल आए।

उनका दावा है कि कई बार मेस मैनेजमेंट से शिकायत की गई और मामला यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन तक भी पहुंचाया गया।

यूनिवर्सिटी बोली- गंभीर और लगातार शिकायत की पुष्टि नहीं

यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार, शुरुआती जांच और उपलब्ध फीडबैक में खाने की क्वालिटी या हाइजीन से जुड़ी किसी गंभीर, व्यापक या लगातार बनी रहने वाली समस्या की पुष्टि नहीं हुई है।

यूनिवर्सिटी ने कहा कि 3 सितंबर के इंस्पेक्शन में मेस की सामान्य व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। हालांकि, स्टूडेंट्स की चिंताओं को देखते हुए मामले को यहीं खत्म नहीं किया गया है।

4 सदस्यीय कमेटी करेगी पूरे मामले की जांच

कुलपति की ओर से बनाई गई 4 सदस्यीय कमेटी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करेगी। कमेटी स्टूडेंट्स के फीडबैक, शिकायतों और उपलब्ध रिकॉर्ड की समीक्षा करेगी। इसके बाद अपनी रिपोर्ट यूनिवर्सिटी प्रशासन को देगी।

यूनिवर्सिटी ने मेस की साप्ताहिक मॉनिटरिंग जारी रखने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही खाने की क्वालिटी, हाइजीन और हाउसकीपिंग के तय मानकों का लगातार पालन कराने की बात कही है।

कमी मिली तो होगी कार्रवाई

क्लॉड डी. मैथ्यू, निदेशक प्रशासन, छात्रावास एवं सुरक्षा ने भास्कर को बताया कि जांच के दौरान अगर किसी तरह की कमी सामने आती है तो उस पर तत्काल एक्शन लिया जाएगा। प्रशासन ने स्टूडेंट्स की फूड सेफ्टी और सुरक्षित कैंपस एनवायरमेंट को प्राथमिकता देने की बात कही है।

फिलहाल इस मामले में स्टूडेंट्स की शिकायत और यूनिवर्सिटी की जांच—दोनों सामने हैं। अब 4 सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट से यह साफ होगा कि मेस में वास्तव में किस स्तर की समस्या थी और उसमें सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

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