दुर्ग पुलिस ने म्यूल खाते के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया

Chhattisgarh Crimesदुर्ग पुलिस ने म्यूल खाते के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे। सुपेला थाना पुलिस और एसीसीयू की टीम ने कार्रवाई करते हुए यशपाल सिंह उर्फ लक्की पाजी (38), निवासी रामनगर और हेमंत दास दखानी (50), निवासी सिंधी कॉलोनी रायपुर को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।

साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में इस्तेमाल हुए खाते

पुलिस के मुताबिक, साइबर ठगी की रकम के लेन-देन और उसे एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की जांच की गई। बैंक खातों के लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों की जांच के दौरान दोनों आरोपियों की भूमिका सामने आई।

फरार आरोपियों को 6 सितंबर को पकड़ा

आरोपियों की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। इसी दौरान सुपेला थाना और एसीसीयू की टीम ने कार्रवाई करते हुए 6 सितंबर को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से बैंकिंग और अन्य संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए हैं।

बैंक खाते के साथ पासबुक-एटीएम भी दिया

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बैंक खाते के साथ पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड भी दूसरे लोगों को उपलब्ध कराए थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कमीशन या अन्य फायदे के लालच में अपने और अन्य लोगों के बैंक खातों से जुड़ी सामग्री दी थी।

बाद में इन्हीं खातों में साइबर ठगी की रकम जमा हुई और अलग-अलग खातों के जरिए उसे आगे ट्रांसफर किया गया। इसके बदले आरोपियों को 2 हजार से 15 हजार रुपए तक कमीशन या अन्य फायदा मिलता था। जांच में इन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में किए जाने की पुष्टि हुई है।

तिल्दा के बैंकों से जुड़े मिले खाते

पुलिस के मुताबिक, मामले में इस्तेमाल किए गए बैंक खाते तिल्दा, जिला रायपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक से जुड़े मिले हैं। जांच के दौरान पुलिस ने इन खातों के लेन-देन का विश्लेषण किया। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर दोनों आरोपियों की भूमिका सामने आई।