
जानकारी के मुताबिक, सरगुजा जिले के नगर पंचायत लखनपुर निवासी शम्स खान ने सिद्धार्थ हॉस्पिटल में एडमिट बेटे उमैर खान (3.6 साल) को एक्सपायर्ड इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है।शिकायत के अनुसार, 6 सितंबर 2026 को उमैर खान को सिद्धार्थ हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था।
डॉक्टर वैभव जायसवाल के लिखे पर्ची के आधार पर बच्चे को Amikacin 250mg इंजेक्शन लगाया गया। अगले दिन 7 सितंबर 2026 को इंजेक्शन की शीशी की जांच करने पर बैच नंबर L-24E-5B, निर्माण तारीख 05-2024 और एक्सपायरी तिथि 04-2026 लिखा मिला।
एक्सपायरी इंजेक्शन लगाने की शिकायत
इस मामले की शिकायत सरगुजा कलेक्टर से करते हुए उमैर खान ने कहा कि, यदि यह इंजेक्शन बेटे को लगाई गई है, तो बहुत गंभीर मामला है, क्योंकि एक्सपायरी होने के बाद इंजेक्शन का इस्तेमाल किया गया। इसलिए मामले की निष्पक्ष और तत्काल जांच कराने की मांग की।
उन्होंने अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड, इंजेक्शन प्रशासन रिकॉर्ड, नर्सिंग रिकॉर्ड, फार्मेसी स्टॉक रजिस्टर और 6 सितंबर 2026 के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने की मांग की है। जिससे जांच के दौरान कोई महत्वपूर्ण सबूत नष्ट न हो सके।
जांच के लिए पहुंची टीम, मिली एक्सपायर्ड दवाएं
कलेक्टर अजीत वसंत ने शिकायत मिलने पर तत्काल एक्शन लेते हुए सरगुजा सीएमएचओ डॉ. पीएस मार्को को शिकायत की जांच कराने के निर्देश दिए। सीएमएचओ के निर्देश पर नर्सिंग होम एक्ट के नोडल आफिसर डॉ पीके सिन्हा की टीम को हॉस्पिटल पहुंची।
टीम ने हॉस्पिटल के फार्मेसी की जांच की तो उसी बैच के 3 एक्सपायर्ड इंजेक्शन के वायल मिले। जिस बैच का इंजेक्शन बच्चे को लगाया गया था।