रायपुर जिले में कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद ग्रामीण इलाकों में पुलिसिंग के लिए अलग टीम का गठन किया गया

Chhattisgarh Crimesरायपुर जिले में कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद ग्रामीण इलाकों में पुलिसिंग के लिए अलग टीम का गठन किया गया है। रायपुर ग्रामीण एसपी और उनकी टीम को काम संभाले 220 दिन से ज्यादा का समय हो चुका है। ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने बीते दिनों ग्रामीण पुलिसिंग का क्राइम डेटा सार्वजनिक किया।

रायपुर ग्रामीण पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 की तुलना में कुल अपराध में कमी आई है। 23 जनवरी से 31 अगस्त तक के आंकड़ों में कुल अपराध 2329 से घटकर 2131 रह गए। यानी इस अवधि में 198 मामले कम हुए हैं। हालांकि, कुल अपराध में कमी के बावजूद गंभीर अपराधों का ग्राफ बढ़ा है।

आंकड़ों के अनुसार, हत्या के प्रयास के मामले 18 से बढ़कर 28, लूट के मामले 15 से बढ़कर 17 और अपहरण के मामले 139 से बढ़कर 163 हो गए हैं। इसके अलावा धोखाधड़ी और दहेज मृत्यु के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

हत्या कम, लेकिन हत्या के प्रयास बढ़े

आंकड़ों के मुताबिक, हत्या के मामलों में मामूली कमी आई है। पिछले साल 27 हत्याएं दर्ज हुई थीं, जबकि इस साल 25 मामले सामने आए। यानी दो मामले कम हुए हैं। वहीं, हत्या के प्रयास के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। ये मामले 18 से बढ़कर 28 हो गए हैं।

हत्या के प्रयास के मामलों में 10 की बढ़ोतरी हुई, जो करीब 56 प्रतिशत है। वहीं, आपराधिक मानव वध के मामले 7 से घटकर 1 रह गए हैं।

अपहरण के 24 केस बढ़े

अपहरण और व्यपहरण के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। पिछले साल 139 केस दर्ज हुए थे, जबकि इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 163 हो गया। यानी 24 मामलों की वृद्धि हुई है। यह पिछले साल की तुलना में करीब 17 प्रतिशत अधिक है।

लूट और धोखाधड़ी भी बढ़ी

संपत्ति संबंधी अपराधों में चोरी और नकबजनी के मामले कम हुए हैं, लेकिन लूट और धोखाधड़ी के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल 15 लूट के मामले दर्ज हुए थे, जबकि इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 17 हो गया।

वहीं, धोखाधड़ी के मामले 33 से बढ़कर 36 हो गए हैं। जाली नोट के मामले पिछले साल शून्य थे, जबकि इस साल 2 केस दर्ज हुए हैं। हालांकि, अमानत में खयानत के मामलों में कमी आई है। ये मामले 9 से घटकर 5 रह गए हैं।

चोरी, नकबजनी और मारपीट के केस घटे

चोरी के मामले 216 से घटकर 196 और नकबजनी के केस 121 से घटकर 102 रह गए हैं। चोट के मामलों में भी बड़ी कमी आई है। पिछले साल 918 केस दर्ज हुए थे, जो इस साल घटकर 712 रह गए। यानी 206 मामलों की कमी हुई है। वहीं, बलवा के मामले 30 से घटकर 24 और आगजनी के केस 9 से घटकर 6 रह गए हैं।

कुल अपराध घटे, गंभीर अपराधों ने बढ़ाई चिंता

रायपुर ग्रामीण में कुल अपराध के आंकड़ों में करीब 8.5 प्रतिशत की कमी आई है, लेकिन गंभीर अपराधों में बढ़ोतरी चिंता बढ़ाने वाली है। खासकर हत्या के प्रयास और अपहरण के मामलों में बड़ा उछाल आया है। इसके अलावा लूट, धोखाधड़ी और दहेज मृत्यु के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।