छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में 2 महीने पहले हुए युवक की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में 2 महीने पहले हुए युवक की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। हत्या की वजह लव अफेयर बताई गई है। देर रात बॉयफ्रेंड अपनी शादीशुदा गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा था। इसी दौरान उसके भाई ने दोनों को पकड़ लिया।

विवाद के बाद बॉयफ्रेंड भागने की कोशिश कर रहा था, तभी भाई ने फावड़े से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में बहन और बड़े भाई ने लाश ठिकाने लगाने में मदद की। युवक की लाश को गांव की एक बाड़ी में फेंक दिया।

जांच के दौरान डॉग स्क्वाड की टीम आरोपियों के घर के पास पहुंची। डॉग ने घर के दो चक्कर लगाए और इसके बाद मेन गेट पर बैठ गया। पुलिस ने युवती और उसके दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए बार-बार बयान बदलते रहे। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए 200 से ज्यादा टावर डंप, CDR, IPDR, GPS, CCTV फुटेज और फॉरेंसिक तकनीक का एनालिसिस किया।इसके अलावा ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट जैसी प्रक्रियाएं भी अपनाई गईं। मामला मुलमुला थाना क्षेत्र के कोसा गांव का है।

पढ़िए हत्या की सिलसिलेवार पूरी कहानी…

जानकारी के मुताबिक, अमित भंडारी (25) कोसा गांव रहने वाला था और मजदूरी करता था। उसका उसी गांव की संतोषी सिंह क्षत्रिय से लव अफेयर था। संतोषी शादीशुदा थी, इसके बाद भी उसकी और अमित की बातचीत होती थी। वहीं, संतोषी पति से लड़ाई के बाद अक्सर मायके आ जाती थी।

इस बीच 29 जून को गांव की एक बाड़ी में युवक का शव मिला। उसकी पहचान अमित के रूप में हुई। अमित 27 जून से लापता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की। पुलिस ने जांच में आधुनिक तकनीक की मदद ली। इसमें 200 से ज्यादा मोबाइल टावर डंप, CDR, IPDR, GPS, CCTV फुटेज और फॉरेंसिक जांच की गई। संदिग्धों से ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट भी कराया गया।

घर की दीवार पर मिले खून के धब्बे

पुलिस ने घटना को दोबारा करके भी जांच की और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की फिर से जांच की। बिलासपुर से लाई गई ट्रैकर डॉग विमला ने भी जांच में अहम सुराग जुटाने में मदद की। बिलासपुर से आई ट्रैकर डॉग ‘विमला’ ने हत्यारे के घर के 2 चक्कर लगाने के बाद वहीं घर के सामने बैठ गई।

इसके बाद पुलिस ने घर की दीवार की जांच की, जहां खून के धब्बे मिले। फोरेंसिक टीम ने खून के नमूने लेकर जांच की, जिसमें इंसान की खून होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने तीनों भाई-बहनों से पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने पूरी घटना का खुलासा कर दिया।

तीनों भाई-बहनों से पूछताछ में खुला राज

पुलिस के मुताबिक, संतोषी अपने मायके आई हुई थी। 27-28 अगस्त की दरमियानी रात अमित और संतोषी ने करीब 1:30 बजे तक फोन पर बात की। इसके बाद रात करीब 2:30 बजे अमित, संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा। इसी दौरान संतोषी का भाई बजरंग सिंह टेंट का काम खत्म करके घर लौटा।

घर के पीछे कुछ आवाज सुनकर वह वहां पहुंचा। वहां उसने अपनी बहन को अमित के साथ देखा। इस पर दोनों के बीच विवाद हो गया। पुलिस के मुताबिक, विवाद के दौरान मारपीट हुई और अमित का सिर पीछे की दीवार से टकरा गया। इससे दीवार पर खून का निशान भी लगा।

फावड़े से सिर और छाती पर किया वार

पुलिस के अनुसार, अमित जान बचाने के लिए दीवार फांदकर भागने की कोशिश कर रहा था। तभी बजरंग सिंह ने पास पड़े फावड़े से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से अमित की मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद बजरंग ने अमित के शव को घर के पीछे बाड़ी में झाड़ियों के नीचे छिपा दिया। पुलिस के अनुसार, उसी रात गांव में चोरी की सूचना पर डायल-112 की टीम भी मौजूद थी। लोगों के जागे होने के कारण आरोपी शव को दूसरी जगह नहीं ले जा सके।