बरसते पानी में देहारगुड़ा पहुंचे कलेक्टर, अधूरे पुल का लिया जायजा
कांग्रेस विधायक जनक ध्रुव भी रहे मौजूद, जल्द निर्माण पूरा कराने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
लोकेश्वर सिन्हा
गरियाबंद जिले के देहारगुड़ा क्षेत्र में लंबे समय से अधूरे पड़े पुल निर्माण का मामला अब जिला प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद तेजी से गरमाता नजर आ रहा है। मानव अधिकार आयोग द्वारा मामले में स्वतः संज्ञान लिए जाने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। इसी क्रम में गरियाबंद कलेक्टर रणवीर शर्मा ने बरसते पानी के बीच देहारगुड़ा पहुंचकर अधूरे पुल का मौके पर निरीक्षण किया।
कलेक्टर के साथ कांग्रेस के क्षेत्रीय विधायक जनक ध्रुव भी मौके पर मौजूद रहे। इस दौरान अधिकारियों से पुल निर्माण की वर्तमान स्थिति, निर्माण में हो रही देरी और अब तक किए गए कार्यों की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने और जल्द से जल्द पुल का निर्माण पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
बारिश के बीच कलेक्टर ने देखा अधूरा निर्माण
देहारगुड़ा में पुल निर्माण लंबे समय से अधूरा होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बारिश के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। पानी बढ़ने के कारण लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतें होती हैं।
इसी समस्या को देखते हुए कलेक्टर रणवीर शर्मा खुद मौके पर पहुंचे। लगातार बारिश के बावजूद उन्होंने स्थल का निरीक्षण किया और पुल निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी अधिकारियों से ली। कलेक्टर ने निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर कर कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
कांग्रेस विधायक जनक ध्रुव ने अधिकारियों को लगाई फटकार
निरीक्षण के दौरान विधायक जनक ध्रुव ने भी पुल निर्माण में हो रही देरी को लेकर नाराजगी जाहिर की। विधायक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से निर्माण कार्य की स्थिति और देरी के कारणों को लेकर सवाल किए। उन्होंने अधिकारियों को आम जनता की परेशानी को गंभीरता से लेने की बात कही।
विधायक जनक ध्रुव ने अधिकारियों को कलेक्टर के सामने ही फटकार लगाते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाने और ग्रामीणों की समस्या का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और अब इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मानव अधिकार आयोग के संज्ञान के बाद बढ़ी प्रशासनिक सक्रियता
देहारगुड़ा के अधूरे पुल का मामला मानव अधिकार आयोग के स्वतः संज्ञान में आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज हुई हैं। आयोग के संज्ञान के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके की वास्तविक स्थिति जानने के लिए निरीक्षण किया।
कलेक्टर के मौके पर पहुंचने से स्थानीय लोगों में भी उम्मीद जगी है कि अब लंबे समय से अधूरा पड़ा पुल जल्द पूरा हो सकेगा। ग्रामीणों का कहना है कि पुल का निर्माण पूरा होने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी और बारिश के दौरान होने वाली परेशानियों से भी निजात मिलेगी।
अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर रणवीर शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्माण की प्रगति की लगातार निगरानी करने और आवश्यक कार्रवाई करते हुए काम को जल्द पूरा कराने को कहा।
अब देखना होगा कि प्रशासन के इस निरीक्षण और सख्त निर्देश के बाद देहारगुड़ा का अधूरा पुल कितनी तेजी से पूरा होता है और वर्षों से परेशानी झेल रहे ग्रामीणों को कब तक आवागमन की सुविधा मिल पाती है।