
कांजी हाउस परिसर में बड़ी संख्या में शराब की खाली बोतलें और शीशियां भी पड़ी मिली हैं।
कांजी हाउस के अंदर कई जगह शराब की खाली बोतलें और शीशियां नजर आईं। इतना ही नहीं, बड़े-बड़े बोरों में भी खाली शराब की बोतलें भरकर रखी गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से परिसर की निगरानी और साफ-सफाई नहीं होने के कारण यहां असामाजिक गतिविधियां बढ़ रही हैं।
लोगों का दावा है कि कांजी हाउस की मौजूदा स्थिति देखकर ऐसा लगता है कि परिसर का इस्तेमाल मवेशियों को रखने के बजाय दूसरे कामों के लिए हो रहा है।
नगर पंचायत को जानकारी, कार्रवाई नहीं होने का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार, नगर पंचायत चारामा को कांजी हाउस की स्थिति की जानकारी पहले से है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने मांग की है कि कांजी हाउस की सफाई कराने के साथ इसे उसके निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप उपयोग में लाया जाए।
NH-30 पर मवेशियों की मौत के बीच उठे सवाल
कांजी हाउस की व्यवस्था पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि कांकेर जिले से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-30 पर मवेशियों के सड़क हादसों में घायल होने और मौत की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में सवाल है कि जब आवारा मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए नगर में कांजी हाउस बनाया गया है, तो वहां मवेशियों के बजाय निजी तौर पर बकरियां क्यों रखी जा रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कांजी हाउस का सही तरीके से संचालन किया जाए तो आवारा मवेशियों को सड़कों से हटाकर सुरक्षित रखा जा सकता है और हादसों का खतरा भी कम किया जा सकता है।
प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार
कांजी हाउस की बदहाल स्थिति सामने आने के बाद अब लोगों की नजर नगर पंचायत प्रशासन की कार्रवाई पर है। स्थानीय लोगों ने परिसर से शराब की खाली बोतलें हटाने, निजी तौर पर बकरियां रखने पर रोक लगाने और कांजी हाउस को मवेशियों के लिए व्यवस्थित करने की मांग की है।