घटना के बाद नाराज परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। इस दौरान वहां हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। परिजनों का आरोप है कि जेल में युवक के साथ मारपीट की गई थी, जिसके कारण उसकी हालत बिगड़ी। पुलिस शव को देखने भी नहीं दिया।
मृतक के पिता ने कहा कि सामाजिक कार्यक्रम से पुलिस ने 2 लोगों को पकड़ा था। दूसरे युवक को 40 हजार लेकर छोड़ दिया गया। वहीं पैसे नहीं देने पर बेटे को पुलिस पकड़कर ले गई थी।
वहीं, पुलिस ने रिश्तेदारों के आरोपों को गलत बताया है। परिजनों ने मामले की न्यायिक जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, 10 जून को कोतरारोड थाना क्षेत्र के नवापारा गांव निवासी संजय बघेल (28) को अवैध शराब बिक्री के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा था। शनिवार सुबह जेल में उसकी तबीयत खराब हो गई।
इसके बाद जेल प्रशासन ने उसे फौरन रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के दौरान दोपहर में उसकी मौत हो गई, जिसकी खबर मिलते ही रिश्तेदार और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए।
उन्होंने अचानक हुई मौत पर सवाल उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। रिश्तेदारों का आरोप है कि जेल में संजय बघेल के साथ मारपीट की गई थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई। उनका यह भी कहना है कि घटना के कई घंटे बाद तक उन्हें शव देखने की अनुमति नहीं दी गई।
समझाइश के बाद शांत हुए रिश्तेदार और ग्रामीण
स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने रिश्तेदारों और ग्रामीणों को समझाइश दी। अधिकारियों ने बताया कि मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव दिखाया जाएगा।
इसके बाद आक्रोशित ग्रामीण शांत हुए। फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है और मौत के कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
पिता ने कहा- दूसरे को पैसा लेकर छोड़ा
संजय के पिता प्यारे लाल बघेल ने बताया कि 3 दिन पहले गांव में सामाजिक कार्यक्रम था। इसी कार्यक्रम में बेटा शामिल होने गया था। उसी दौरान शंभू चौहान नाम के पुलिसकर्मी ने संजय और एक अन्य युवक को पकड़ लिया था।