बिलासपुर में विधायक अमर अग्रवाल के जन्मदिन से पहले पोस्टर पॉलिटिक्स पर सियासत गरमा गई

Chhattisgarh Crimesबिलासपुर में विधायक अमर अग्रवाल के जन्मदिन से पहले पोस्टर पॉलिटिक्स पर सियासत गरमा गई है। मंगलवार को विधायक का जन्मदिन है। समर्थकों में उन्हें बधाई देने वाले पोस्टर-बैनर लगाने की होड़ मची थी। इस बीच विधायक बंगले के ठीक सामने लगे दर्जनों पोस्टरों पर नगर निगम कार्रवाई करते हुए हटा दिया है।

हालांकि, सत्तापक्ष के नेताओं का कहना है कि, पोस्टर को नगर निगम प्रशासन ने खुद विधायक अमर अग्रवाल के कहने पर हटाया है। जबकि कांग्रेस का कहना है कि, यह BJP में गुटबाजी का नतीजा है। दरअसल, उन्होंने पहले ही समर्थकों को हिदायत दी थी कि उनके बंगले के आसपास पोस्टर न लगाएं जाएं। लेकिन, उनके करीबी बनने की होड़ में विधायक बंगले के सामने बैनर-पोस्टर छा गए।

बताया जा रहा है कि, बंगले के सामने सड़क किनारे और आसपास के इलाके उनके जन्मदिन के पोस्टर से पट गए। जिसे देखकर विधायक अमर अग्रवाल भड़क गए। उन्होंने निगम प्रशासन को तत्काल निर्देश देते हुए कहा कि, उनके घर के सामने एक भी पोस्टर नहीं दिखना चाहिए। इसके बाद निगम प्रशासन ने बंगले के आसपास लगे सारे पोस्टर हटा दिए।

कांग्रेस बोली- BJP की गुटबाजी आई सामने

कांग्रेस के शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा का आरोप है कि, बीजेपी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। उनका कहना है कि अगर निगम की कार्रवाई सामान्य है तो विधायक के बंगले के सामने लगे पोस्टरों पर ही इतनी तेजी से कार्रवाई क्यों हुई?

पार्टी के बड़े नेताओं के जन्मदिन पर पोस्टर लगाना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि भाजपा में प्रदेश भर में गुटबाजी है। भाजपा के नेता लगातार कांग्रेस पर गुटबाजी का आरोप लगाते रहे हैं। लेकिन, अब उन्हें बताना चाहिए कि इस तरह पोस्टर निकालना क्या गुटबाजी नहीं है।

बीजेपी बोली- जन्मदिन पर भीड़ जुटेगी, इसलिए हटाए पोस्टर

वहीं, सत्ता पक्ष भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश बताया है। नगर निगम के MIC सदस्य पार्षद विजय ताम्रकार का कहना है कि, पोस्टर हटाने की कार्रवाई नियमों के तहत सामान्य प्रक्रिया है। जन्मदिन पर विधायक के बंगले में बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने की संभावना है।

ऐसे में पार्किंग और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए रास्ता खाली कराया गया है। उन्होंने कहा कि विधायक अमर अग्रवाल संवेदनशील नेता है। शहर की जनता को किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसे ध्यान में रखते हुए खुद पोस्टर हटाने के निर्देश दिए हैं।