बलौदाबाजार में फर्जी तबादला आदेश मामले में RMA रवि सेन की जमानत याचिका खारिज हो गई

Chhattisgarh Crimesबलौदाबाजार में फर्जी तबादला आदेश मामले में RMA रवि सेन की जमानत याचिका खारिज हो गई है। तृतीय अपर सत्र न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। यह मामला पलारी के रोहांसी अस्पताल में पदस्थ RMA करण देवांगन के फर्जी तबादला आदेश से जुड़ा है।

पुलिस ने 22 अगस्त को आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। इसके बाद सभी को बलौदा बाजार जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में भाजपा जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी, जिला उपाध्यक्ष पुनिराम पटेल, RMA करण देवांगन, RMA रवि सेन, कृष्णा अवस्थी का बेटा प्रणव अवस्थी और कंप्यूटर ऑपरेटर परख कश्यप शामिल हैं।

तबादले के लिए मांगे थे एक लाख रुपए

पुलिस के मुताबिक, करण देवांगन अपना तबादला कराना चाहते थे। उन्होंने अपने दोस्त रवि सेन के जरिए पुनिराम पटेल और कृष्णा अवस्थी से संपर्क किया। आरोप है कि कृष्णा अवस्थी ने तबादले के लिए एक लाख रुपए मांगे थे।

फर्जी आदेश लेकर BMO के पास पहुंचे करण

तबादले का फर्जी आदेश तैयार होने के बाद करण देवांगन इसे लेकर पलारी BMO डॉ. पंकज वर्मा के पास पहुंचे। BMO को आदेश फर्जी लगा। इसके बाद उन्होंने CMHO से इसकी पुष्टि कराई। आदेश फर्जी पाए जाने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

BMO की शिकायत पर दर्ज हुआ केस

BMO की शिकायत पर पलारी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 336(3), 337, 338, 340(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

कृष्णा अवस्थी और बेटे पर अन्य ठगी के आरोप

कृष्णा अवस्थी और उनके बेटे प्रणव अवस्थी पर फर्जी तबादला आदेश और नौकरी लगाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर लोगों से ठगी करने के आरोप हैं। इनके खिलाफ बलौदा बाजार थाने में दो, रायपुर के तेलीबांधा थाने में एक और पलारी थाने में एक मामला दर्ज है। इसके अलावा भाटापारा और बलौदा बाजार थाने में भी मामलों की जांच चल रही है।

अदालत ने सभी तथ्यों को देखते हुए जमानत खारिज की

अदालत ने मामले से जुड़े सभी तथ्यों को देखते हुए RMA रवि सेन की जमानत याचिका निरस्त कर दी।

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