
पुलिस के 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चले साइबर जागृति महाअभियान के दौरान जिले में 18 लाख से अधिक लोगों तक साइबर जागरूकता का संदेश पहुंचा। इंटरनेट और मोबाइल आज हर व्यक्ति की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में साइबर ठगी से बचाव के लिए सिर्फ पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं, बल्कि हर व्यक्ति का जागरूक होना जरूरी है।
इसी उद्देश्य के साथ पुलिस ने साइबर जागृति महाअभियान शुरू किया है। इस अभियान के दौरान विद्यार्थियों, महिलाओं, बुजुर्गों, कर्मचारियों, व्यापारियों, श्रमिकों, ग्रामीणों और खेल व सामाजिक संगठनों सहित अलग-अलग वर्गों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया।
बच्चों ने कत्थक और साइबर जागरूकता पर दी प्रस्तुति
समापन कार्यक्रम में बच्चों ने कत्थक और साइबर जागरूकता पर सांस्कृतक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। फियोना खान ने कत्थक में जगत जननी मां गीत पर तबले और थाप पर नृत्य कर लोगों को ध्यान खींचा। वहीं, डी फॉर डांस एकेडमी के बच्चों ने हास्य रस से भरा नाट्य-नृत्य की प्रस्तुति दी।
उनकी प्रस्तुति से अथितियों की हंसने पर मजबूर कर दिया। बच्चों की इस प्रस्तुति ने साइबर फ्रॉड के अलग-अलग तरीकों को गीत और नाटक के जरिए जागरूकता संदेश में बदल दिया।
केस 3 गुना बढ़े, लेकिन मुस्तैदी से 19 गुना ज्यादा रकम होल्ड
साइबर क्राइम के फैलते जाल को काटने के लिए सिर्फ पब्लिग की जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। बता दें कि, साल 2022 से 2026 तक साइबर क्राइम में तीन गुना बढ़ोतरी हुई है। लेकिन, राहत की बात यह है कि लोग भी जागरूक हुए हैं। 2022 में 1050 अपराधों में 23.80 करोड़ की ठगी हुई थी, जिसमें सिर्फ 5.28 प्रतिशत लोगों ने गोल्डर आवर में फोन कर अपने रुपए होल्ड करा सके।
इसके बाद 2023 से 2026 तक हर साल क्राइम की संख्या और ठगी की राशि बढ़ती चली गई। लेकिन लोगों की जागरूकता और पुलिस की मुस्तैदी के चलते होल्ड हुई राशि का प्रतिशत 24.44 प्रतिशत तक पहुंच गया है। 2026 के 8 महीनों में 3100 ठगी के मामलों में 12.23 करोड़ में कुल साढ़े 3 करोड़ पुलिस ने लोगों के बचाए हैं।