एक से दो साल पुराने मामलों में सक्षम अधिकारी का आदेश जरूरी

Chhattisgarh Crimesएक से दो साल पुराने मामलों में सक्षम अधिकारी का आदेश जरूरी

बच्चे के जन्म के एक साल के भीतर जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनवाया या उसमें दर्ज गलती नहीं सुधरवाई तो अब लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। नए नियमों के बाद एक साल से पुराने मामलों में केवल ऑनलाइन आवेदन से काम नहीं हो रहा। संबंधित सक्षम अधिकारी की अनुमति और आदेश की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ रही है।

इससे जन्म प्रमाण पत्र बनवाने या उसमें सुधार में दो से तीन महीने तक लग रहे हैं। नए जन्म-मृत्यु पंजीकरण नियमों के तहत जन्म के एक साल बाद और दो साल के भीतर पंजीकरण या सुधार के लिए डीएम, एसडीएम अथवा अधिकृत कार्यकारी अधिकारी की अनुमति जरूरी है। दो साल से ज्यादा पुराने मामलों में न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश की जरूरत पड़ती है। इस प्रक्रिया के कारण जिले की तहसीलों में आवेदन लंबित हो रहे हैं। अकेले रायपुर तहसील में ही ऐसे 50 से 60 आवेदन लंबित बताए जा रहे हैं। आवेदकों का आरोप है कि दस्तावेज जमा करने और प्रक्रिया की जानकारी लेने में भी परेशानी हो रही है। कुछ लोगों ने दस्तावेज गुम होने की शिकायत भी तहसीलदार से की है।

परेशानी हो तो शिकायत करें जन्म प्रमाण पत्र में सुधार के आवेदन जांच के बाद ही जारी किए जा रहे हैं। सभी काम नियमानुसार हो रहे हैं। लोगों को किसी तरह की परेशानी हो तो वे शिकायत कर सकते हैं।– राम मूर्ति दीवान, तहसीलदार, रायपुर

ऐसे करना होगा आवेदन संबंधित नगर निगम, नगर पालिका या पंचायत से जन्म प्रमाण पत्र सुधार फॉर्म लें। गलत और सही जानकारी का उल्लेख करते हुए नोटरी से शपथ पत्र बनवाएं। पुराना जन्म प्रमाण पत्र, अस्पताल का डिस्चार्ज कार्ड, बच्चे का आधार/स्कूल रिकॉर्ड और माता-पिता के पहचान पत्र लगाएं। दस्तावेज और मूल रिकॉर्ड की जांच के बाद नियमानुसार संशोधित प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।