बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर GRP ने 12.95 किलो गांजा के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया

Chhattisgarh Crimesबिलासपुर रेलवे स्टेशन पर GRP ने 12.95 किलो गांजा के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 6 लाख 47 हजार 500 रुपए बताई गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी नर्मदा एक्सप्रेस से मध्यप्रदेश के जबलपुर जाने की तैयारी में था। सतर्कता के चलते उसे प्लेटफॉर्म से पकड़ लिया गया।

GRP थाना प्रभारी विष्णु प्रसाद यादव, SI विश्वनाथ चक्रवर्ती और पुलिस टीम को शनिवार सुबह करीब 11 बजे सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति प्लेटफॉर्म नंबर 7-8 पर घूम रहा है।

बताया गया कि नर्मदा एक्सप्रेस के लेट होने के कारण आरोपी प्लेटफॉर्म पर बेचैनी में टहल रहा था। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।

दो बैगों से मिला 12 किलो 950 ग्राम गांजा

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम दीपक गुप्ता (33) बताया। वह वार्ड 45, गली नंबर 06, रघुराजनगर टिकुरियाटोला, थाना कोलगांवां, जिला सतना (मध्यप्रदेश) का निवासी है। पुलिस ने उसके पास रखे दो बैगों की तलाशी ली। इनमें 12 किलो 950 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने इसकी अनुमानित कीमत 6 लाख 47 हजार 500 रुपए बताई है।

किसने दिया गांजे से भरा बैग, पुलिस जुटा रही जानकारी

GRP टीआई विष्णु प्रसाद यादव के मुताबिक, आरोपी को गांजे से भरा बैग सौंपने वाले व्यक्ति के संबंध में जानकारी मिली है। उसके मोबाइल नंबर के आधार पर पतासाजी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल आरोपी को पकड़ना नहीं, बल्कि मादक पदार्थों की सप्लाई चेन को तोड़ना है, ताकि गांजा तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

ट्रेनों के जरिए तस्करी पर पुलिस की नजर

पुलिस के अनुसार, ट्रेनों के जरिए ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश तक गांजा पहुंचाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सक्रिय होने की जानकारी सामने आती रही है। रेलवे स्टेशन पर हाल के दिनों में भी मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े मामलों में गिरफ्तारी और जब्ती की कार्रवाई की गई है।

GRP का कहना है कि ट्रेनों के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार जांच और दबिश दी जा रही है।

आरोपी न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया

पुलिस के मुताबिक, दीपक गुप्ता नर्मदा एक्सप्रेस से जबलपुर जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहा था। GRP ने उसे उसके संवैधानिक अधिकारों की जानकारी देने के बाद विधिवत गिरफ्तार किया और न्यायालय में न्यायिक रिमांड के लिए पेश किया। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।