। रेलवे की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी से सितंबर के दौरान कुल 840 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। इतना ही नहीं, 46 मेमू ट्रेनों को आधे रास्ते में ही रोककर रद्द किया गया, जिससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी है।
यात्रियों के लिए अप्रैल मुश्किल भरा रहा, 234 कैंसिल
आंकड़ों का विश्लेषण करें तो अप्रैल 2026 यात्रियों के लिए सबसे मुश्किल भरा महीना साबित हुआ। अकेले अप्रैल में ही 234 ट्रेनें रद्द हुईं, जिनमें 110 मेमू ट्रेनें शामिल थीं। इसी महीने 15 मेमू ट्रेनों को गंतव्य से पहले ही समाप्त कर दिया गया।
एक्सप्रेस गाड़ियों के मामले में जनवरी (74) और अप्रैल (72) में सबसे ज्यादा रद्दीकरण देखा गया। बस-निजी वाहन का सहारा, 3-4 गुना तक किराया मेमू ट्रेनें रद्द या शॉर्ट टर्मिनेट होने से दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को बस या निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। इससे स्थानीय यात्रियों का किराया 3 से 4 गुना तक बढ़ने की बात सामने आई।