
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, समस्याओं को लेकर वे पहले भी निगम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार आवेदन दे चुके हैं। कुछ मांगों पर 20 से 25 बार तक आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने प्रदर्शन करने का फैसला लिया।
प्रदर्शनकारी वृंदावन नगर-कुशालपुर मुख्य मार्ग पर स्पीड ब्रेकर दोबारा बनवाने, वार्ड-66 की खराब सड़कें ठीक कराने, निगम कर्मचारी महेश वाघ को निलंबित करने और पंकज गार्डन के सौंदर्यीकरण में गड़बड़ी की जांच की मांग कर रहे हैं।
चार मांगों को लेकर प्रदर्शन
- प्रदर्शनकारियों ने आवेदन में चार प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग वृंदावन नगर-कुशालपुर मुख्य मार्ग पर स्पीड ब्रेकर दोबारा बनवाने की है। आवेदन के मुताबिक, यहां पहले स्पीड ब्रेकर था, जिसे बाद में हटा दिया गया।
- दूसरी मांग वामनराव लाखे वार्ड-66 में सड़कों की मरम्मत की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कुशालपुर क्षेत्र में सड़कें खराब हैं और जगह-जगह गड्ढे हैं। इन्हें जल्द ठीक कराया जाए।
- तीसरी मांग निगम कर्मचारी महेश वाघ को निलंबित करने की है। साथ ही उन्हें संरक्षण देने वाले जोन कमिश्नर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
- चौथी मांग पंकज गार्डन के सौंदर्यीकरण में गड़बड़ी के आरोप से जुड़ी है। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित ठेकेदार के बिल का भुगतान रोकने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
25 अगस्त तक मांग पूरी नहीं होने पर दी थी चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने आवेदन में चेतावनी दी थी कि 25 अगस्त 2026 तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो जोन-5 कार्यालय के बाहर अनशन किया जाएगा। अब वे निगम कार्यालय पहुंचकर अर्धनग्न प्रदर्शन कर रहे हैं।