जशपुर पुलिस ने गोवंशों की अवैध तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 29 गोवंशों को तस्करों से मुक्त कराया

Chhattisgarh Crimesजशपुर पुलिस ने गोवंशों की अवैध तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 29 गोवंशों को तस्करों से मुक्त कराया। दो अलग-अलग कार्रवाई में पुलिस ने तीन तस्करों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। सोनक्यारी चौकी और सिटी कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाई की।

सोनक्यारी पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम गीधा के भंवरकोना जंगल से 17 गोवंशों को पैदल झारखंड ले जाया जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की और बालमुकुंद (26) को पकड़ लिया। पूछताछ में बालमुकुंद ने बताया कि वह गौवंशों को पंचू यादव से लेकर गुमला के गुगुल अहिर (25) के पास ले जा रहा था।

पुलिस ने पंचू यादव और गुगुल अहिर को भी गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

12 गोवंशों को जंगल से मुक्त कराया

सिटी कोतवाली पुलिस ने जरिया भभरी जंगल से 12 गोवंशों को मुक्त कराया। पुलिस को देखकर तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने सभी 12 गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कराया। फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है।

उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित रास्तों और आसपास के क्षेत्रों में लगातार तलाश की जा रही है। तस्करी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

दोनों कार्रवाई में कुल 29 गोवंश सुरक्षित मुक्त

सोनक्यारी क्षेत्र से 17 और सिटी कोतवाली क्षेत्र से 12 गौवंश मुक्त कराए गए। दोनों कार्रवाई में कुल 29 गौवंशों को सुरक्षित मुक्त कराया गया। दोनों मामलों में चौकी सोनक्यारी, थाना सन्ना और थाना सिटी कोतवाली जशपुर में छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत केस दर्ज कर जांच की जा रही है।

ऑपरेशन शंखनाद के तहत लगातार कार्रवाई

एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि ऑपरेशन शंखनाद के तहत जिले में गौवंशों की अवैध तस्करी, परिवहन और इससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। दो अलग-अलग मामलों में 29 गौवंशों को तस्करों से मुक्त कराया गया है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि गौवंश तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही है।