
ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि ब्रेथ एनालाइजर से जांच में करीब 130 के आसपास रीडिंग आई थी। सोमवार को 2 बहनें छोटे बच्चे के साथ ट्रैफिक थाने पहुंचीं। दोनों अपने भाई की जब्त बाइक छोड़ने की मांग करने लगीं। इस दौरान उन्होंने गेट सामने जमकर हंगामा किया।
दोनों बहनें रोती-बिलखती रहीं और कहती रहीं कि साहब गाड़ी दे दो, घर में काम है। इसके बाद महिला पुलिस बल बुलाया। महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाकर कोर्ट भेजा, तब जाकर मामला शांत हुआ। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, करीब 3-4 दिन पहले ट्रैफिक पुलिस ने महिलाओं के भाई को बाइक चलाते पकड़ा था। पुलिस के मुताबिक, युवक शराब के नशे में बाइक चला रहा था। ब्रेथ एनालाइजर से जांच में करीब 130 के आसपास रीडिंग आई थी।
इसके बाद बाइक जब्त कर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने बताया कि वाहन न्यायालय में जुर्माना जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही छोड़ा जाएगा।
थाने पहुंचकर बाइक छोड़ने की मांग की
सोमवार को युवक की दोनों बहनें ट्रैफिक थाने पहुंचीं। उन्होंने पुलिसकर्मियों से बाइक थाने से ही छोड़ने की गुहार लगाई। महिलाओं का कहना था कि बाइक घर के काम आती है और उसके नहीं मिलने से परेशानी हो रही है।
इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस होने लगी। महिलाओं ने पुलिस पर गलत तरीके से कार्रवाई कर बाइक जब्त करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि उनके भाई के खिलाफ जिस तरह की कार्रवाई बताई जा रही है, वैसा मामला नहीं था।