
यह कार्रवाई 5 अक्टूबर की रात करीब 9.30 बजे मुखबिर की सूचना पर हुई। पुलिस टीम फतेहपुर पहुंची, जहां तीन लोग गौवंशों को हांकते और मारते हुए दिखे। घेराबंदी कर तीनों को पकड़ा गया और 9 गौवंश सुरक्षित छुड़ाए गए।
पकड़े गए आरोपियों में धनसाय नगेशिया (25), सरवर आलम (26) और मुर्शिद खान (38) शामिल हैं। ये गुमला (झारखंड) और जशपुर के रहने वाले हैं। आरोपियों के पास गौवंशों के कोई वैध दस्तावेज नहीं थे।
सिटी कोतवाली जशपुर में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ। जुर्म कबूलने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस गौ तस्करी पर लगातार नजर रख रही है। इसके लिए मुखबिर तंत्र को भी मजबूत किया गया है। कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 9 गौवंशों को तस्करों के कब्जे से छुड़ाया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
उन्होंने कहा कि गौ तस्करी के खिलाफ ऑपरेशन शंखनाद लगातार जारी रहेगा और इस तरह के अपराध करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।