अस्पताल के सामने पड़ा मिला, ग्रामीणों ने उठाया तो कमरे में जाकर सो गया; शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
युमेन्द्र कश्यप/मैनपुर। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने के उद्देश्य से उप स्वास्थ्य केंद्रों में RHO की तैनाती की गई है, ताकि डॉक्टरों की कमी के बीच ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार मिल सके। लेकिन अमलीपदर क्षेत्र के PSC उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ RHO बालाजी कंवर को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, RHO बालाजी कंवर कई बार नशे की हालत में पाए जाते हैं और मरीजों का समुचित इलाज नहीं करते। आरोप है कि अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को भी कई बार वापस लौटा दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि दूर-दराज से आने वाले मरीज डॉक्टर की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन जिम्मेदार स्वास्थ्यकर्मी के इस रवैये के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस संबंध में ग्राम सरपंच की ओर से कई बार शिकायत भी की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यही वजह है कि ग्रामीणों में नाराजगी के साथ-साथ स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चिंता भी बढ़ रही है।
गुरुवार को भी ग्रामीणों ने RHO को अस्पताल के सामने नशे की हालत में पड़े होने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें उठाकर अस्पताल के अंदर पहुंचाया गया, जिसके बाद वे अपने कमरे में जाकर सो गए। ग्रामीणों के मुताबिक यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि ऐसी स्थिति पहले भी देखने को मिलती रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस स्वास्थ्यकर्मी की जिम्मेदारी ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार देने की है, यदि वही ड्यूटी के दौरान नशे में मिले तो मरीजों की जान और स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी होगी? ग्रामीणों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार स्वास्थ्य अधिकारी से कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, RHO बालाजी कंवर का पक्ष खबर लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका है। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।