
छत्तीसगढ़ के बस्तर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर, डोंगरगढ़ के मां बम्लेश्वरी मंदिर, बिलासपुर के महामाया मंदिर और रायपुर के महामाया मंदिर समेत कई मंदिरों में तैयारियां लगभग पूरी हो गई है।
मिलावट को देखते हुए इस बार भी कई माता मंदिरों में घी के दीपक नहीं जलाए जाएंगे। इन मंदिरों में लाइव दर्शन और श्रद्धालुओं के रुकने समेत कई इंतजाम किए गए हैं। मंदिरों में विशेष आरती के साथ मनोकामना ज्योति कलश भी जलाए जाएंगे। कई विदेशी भक्तों ने भी बुकिंग कराई है।
नवरात्रि के दौरान 11 से 20 अक्टूबर तक 10 लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों का डोंगरगढ़ स्टेशन पर अस्थायी ठहराव भी दिया जाएगा। इसके साथ ही कुछ मेमू ट्रेनों का डोंगरगढ़ और रायपुर तक अस्थायी रूप से विस्तार किया जाएगा।दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी के पावन दरबार में नक्सलवाद समाप्ति के ऐलान के बाद पहली नवरात्रि है, ऐसे में दूर-दूर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में 450 जवानों की तैनाती की जा रही है। 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी।