छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में मां-बेटी की हत्या और रेप के मामले में कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के सूरजपुर में मां-बेटी की हत्या और रेप के मामले में कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई। प्रत्यक्ष गवाही के अभाव में पुलिस ने फॉरेंसिक और डिजिटल सबूतों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला साबित किया।

घटनास्थल से मिले बाल, सीढ़ियों की रेलिंग पर मिले फिंगरप्रिंट और कपड़ों पर मिले खून के धब्बे जांच में अहम साबित हुए। कोर्ट ने माना कि कुलदीप खुद को बचाने के लिए बहाने बना रहा था।

उसने आरोप लगाया था कि घटना के दिन उसे हिरासत में रखा गया और उसके खून, स्पर्म, उंगलियों और हथेली के निशान और बालों के नमूने लेकर उसे झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की गई। कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया।

किचन में मिले बाल, रेलिंग के फिंगरप्रिंट बने अहम सबूत

कोर्ट में पेश चार्जशीट के मुताबिक, जांच के दौरान घटनास्थल की किचन से इंसानी बाल जब्त किए गए। डीएनए जांच में इन नमूनों का आरोपियों से मिलान होने की बात सामने आई। मृतका के कपड़ों और घटनास्थल से मिले जैविक नमूनों की डीएनए प्रोफाइलिंग ने भी अभियोजन पक्ष (आरोपी पक्ष) को महत्वपूर्ण आधार दिया।

पुलिसकर्मी के घर की सीढ़ियों की रेलिंग से मिले फिंगरप्रिंट की जांच की गई। फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों के मुताबिक, ये निशान मुख्य आरोपी कुलदीप साहू से मेल खाते थे। इसके अलावा कॉल डिटेल और दूसरे डिजिटल सबूतों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया। इन साक्ष्यों की कड़ियों के आधार पर कोर्ट ने आरोपियों की भूमिका पर विचार किया।

जिलाबदर होने के बावजूद शहर में घूम रहा था कुलदीप

कोर्ट में पेश चार्जशीट के मुताबिक, मुख्य साजिशकर्ता कुलदीप साहू जिला मजिस्ट्रेट के आदेश से जिलाबदर था, लेकिन इसके बावजूद वह शहर में घूम रहा था।

वारदात वाली रात उसने चेकिंग कर रही पुलिस टीम पर खौलता तेल फेंका और भागते समय फायरिंग भी की थी। इसके बाद पुलिसकर्मी से पुरानी रंजिश के चलते वह साथियों के साथ उसके घर पहुंचा और वारदात को अंजाम दिया।